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Unnao News: उन्नाव-पुरवा मार्ग पर लोडर की टक्कर से तीन चचेरे भाइयों की मौत
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सोनिक (उन्नाव)। उन्नाव-पुरवा मार्ग पर दही क्षेत्र में गौरा मोड़ के पास लोडर की टक्कर से बाइक सवार तीन चचेरे भाइयों की मौत हो गई। तीनों परिवार की ही बरात से लौट रहे थे। बाइक सवार हेलमेट नहीं लगाए थे। हादसे के बाद चालक लोडर छोड़कर भाग गया।
सदर कोतवाली के खटाई गांव निवासी बबलू (28), चचेरे भाई सुशील (30) और पिंटू (32) के साथ मंगलवार को बाइक से परिवार की ही बरात में शामिल होने दही थाना क्षेत्र के जगवा गांव गए थे। रात करीब 11 बजे तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। उन्नाव-पुरवा मार्ग पर गौरा मोड़ के पास लोडर की टक्कर से तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने एंबुलेंस से उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बबलू और सुशील की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पिंटू की हालत गंभीर देख परिजन निजी अस्पताल लेकर चले गए थे। वहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
बड़े भाई रामआसरे ने बताया कि बबलू चार भाइयों में सबसे छोटा था। वह प्राइवेट नौकरी करता था। विवाह नहीं हुआ था। बेटे की मौत से जुमनादेई सहित अन्य परिजन बेहाल हैं। हादसे का शिकार सुशील चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। बड़ा भाई सुनील दिव्यांग है। सुशील भी प्राइवेट नौकरी करता था। उसकी शादी हो चुकी थी। पत्नी रेखा सात माह की गर्भवती है। तीन बच्चों में दो बेटी और एक बेटा हैं।
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दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि लोडर पुलिस के कब्जे में ह। भागे चालक का पता लगाया जा रहा है। दो शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। तीसरे भाई का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मातम में बदलीं खुशियां, मंगल गीत की जगह चीखपुकार
परिवार में शादी की खुशियां थीं लेकिन हादसे ने उनको मातम में बदल लिया। मंगल गीतों की जगह चीखपुकार की आवाजें आने लगीं। परिवार का जो भी सदस्य शादी समारोह में गया था वह रात में ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया। शादी की रस्में भी जैसे-तैसे पूरी कराई गईं। बुधवार की सुबह दुल्हन की गाड़ी दरवाजे पहुंची तो दोपहर बाद चचेरे भाइयों के शव पहुंचे। परिजन शव देखकर चीख पड़े। देर शाम दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
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सदर कोतवाली के खटाई गांव निवासी बबलू (28), चचेरे भाई सुशील (30) और पिंटू (32) के साथ मंगलवार को बाइक से परिवार की ही बरात में शामिल होने दही थाना क्षेत्र के जगवा गांव गए थे। रात करीब 11 बजे तीनों एक ही बाइक से घर लौट रहे थे। उन्नाव-पुरवा मार्ग पर गौरा मोड़ के पास लोडर की टक्कर से तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने एंबुलेंस से उनको जिला अस्पताल में भर्ती कराया। बबलू और सुशील की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। पिंटू की हालत गंभीर देख परिजन निजी अस्पताल लेकर चले गए थे। वहां इलाज के दौरान उसकी भी मौत हो गई। पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया है।
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बड़े भाई रामआसरे ने बताया कि बबलू चार भाइयों में सबसे छोटा था। वह प्राइवेट नौकरी करता था। विवाह नहीं हुआ था। बेटे की मौत से जुमनादेई सहित अन्य परिजन बेहाल हैं। हादसे का शिकार सुशील चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। बड़ा भाई सुनील दिव्यांग है। सुशील भी प्राइवेट नौकरी करता था। उसकी शादी हो चुकी थी। पत्नी रेखा सात माह की गर्भवती है। तीन बच्चों में दो बेटी और एक बेटा हैं।
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दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि लोडर पुलिस के कब्जे में ह। भागे चालक का पता लगाया जा रहा है। दो शवों का पोस्टमार्टम करा दिया गया है। तीसरे भाई का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
मातम में बदलीं खुशियां, मंगल गीत की जगह चीखपुकार
परिवार में शादी की खुशियां थीं लेकिन हादसे ने उनको मातम में बदल लिया। मंगल गीतों की जगह चीखपुकार की आवाजें आने लगीं। परिवार का जो भी सदस्य शादी समारोह में गया था वह रात में ही पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गया। शादी की रस्में भी जैसे-तैसे पूरी कराई गईं। बुधवार की सुबह दुल्हन की गाड़ी दरवाजे पहुंची तो दोपहर बाद चचेरे भाइयों के शव पहुंचे। परिजन शव देखकर चीख पड़े। देर शाम दोनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया गया।