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Unnao News: छात्रों ने सीखा अनुपयोगी सामग्री से घोंसला बनाना
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फोटो-40- अनुपयोगी सामग्री से पक्षियों के लिए बनाए गए घोसले दिखाते छात्र। स्रोत: शिक्षक
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उन्नाव। तपती गर्मी में पक्षियों को राहत देने के उद्देश्य से थाना इंटर कॉलेज में अभ्युदय सेवा संस्थान ने कार्यशाला आयोजित की। इसमें बच्चों ने बेकार सामान का उपयोग कर पक्षियों के लिए घोंसले बनाना सीखा।
प्रधानाचार्य अजय कुमार शुक्ल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि ये घोंसले पक्षियों को धूप से बचाएंगे और सुरक्षित आश्रय देंगे। संस्थान अध्यक्ष प्रभात सिन्हा ने पर्यावरण संतुलन में पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई और उनकी रक्षा को सामूहिक कर्तव्य कहा। प्रबंधक करुणेश सिंह और कमल सिंह चंदेल ने संस्थान के प्रयासों की सराहना की, जिसमें बच्चों को गत्ते के डिब्बे और सूखी घास से घोंसले बनाना सिखाया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक इस गतिविधि में भाग लिया और अपने हाथों से पक्षियों के लिए घर तैयार किए।
शिक्षकों ने बच्चों से घरों की छतों और बालकनी में पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की अपील की। स्कूल प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाते हैं। सहायक शिक्षक योगेंद्र चौहान ने सभी बच्चों को पक्षी संरक्षण का संकल्प दिलाया। कक्षा आठ के छात्रों ने आकर्षक घोंसले बनाए और पुरस्कारों की भी घोषणा की गई।
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प्रधानाचार्य अजय कुमार शुक्ल ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि ये घोंसले पक्षियों को धूप से बचाएंगे और सुरक्षित आश्रय देंगे। संस्थान अध्यक्ष प्रभात सिन्हा ने पर्यावरण संतुलन में पक्षियों की महत्वपूर्ण भूमिका बताई और उनकी रक्षा को सामूहिक कर्तव्य कहा। प्रबंधक करुणेश सिंह और कमल सिंह चंदेल ने संस्थान के प्रयासों की सराहना की, जिसमें बच्चों को गत्ते के डिब्बे और सूखी घास से घोंसले बनाना सिखाया गया। बच्चों ने उत्साहपूर्वक इस गतिविधि में भाग लिया और अपने हाथों से पक्षियों के लिए घर तैयार किए।
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शिक्षकों ने बच्चों से घरों की छतों और बालकनी में पक्षियों के लिए दाना-पानी रखने की अपील की। स्कूल प्रशासन ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाते हैं। सहायक शिक्षक योगेंद्र चौहान ने सभी बच्चों को पक्षी संरक्षण का संकल्प दिलाया। कक्षा आठ के छात्रों ने आकर्षक घोंसले बनाए और पुरस्कारों की भी घोषणा की गई।
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