उन्नाव। राष्ट्रीय लोक अदालत में 90810 वाद निस्तारित हुए। इसमें दस दंपती विवादों को भी सुलझाया गया लेकिन केसीसी के दो मामलों में एक भी निस्तारण नहीं हो पाया है। दोनों को मायूस होकर घर लौटना पड़ा। उसमें से एक मामला 10 साल से चल रहा है। इसके अलावा बैंक रिकवरी, मोटर दुर्घटना, विविध दीवानी, राजस्व आदि वादों के निस्तारण में छह करोड़ से अधिक का प्रतिकर अवार्ड किया गया।
शनिवार सुबह 10 बजे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अध्यक्ष व जिला जज अनिल कुमार वर्मा प्रथम ने जनपद न्यायालय के केंद्रीय हॉल में दीप प्रज्वलित करके राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ किया। न्यायिक अधिकारियों द्वारा मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के पांच व प्रतिकर वादों में 50 लाख का प्रतिकर अवार्ड किया गया। वैवाहिक के 18, बैंक रिकवरी के 591 और बीएसएनएल व फाइनेंस कंपनी के 85 वादों का निस्तारण करके 6.60 करोड़ की धनराशि अदायगी के लिए तय की गई। राजस्व के 53636 व वैवाहिक प्री-लिटिगेशन के 18 वादों का निस्तारण किया गया। बिजली निगम से संबंधित 32782 मामले भी निस्तारित किए गए। अन्य छोटे वादों में 115 का निस्तारण हुआ। इस मौके पर परिवार न्यायालय के प्रधान न्यायाधीश अनिल कुमार शुक्ला, पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण रामायण शर्मा, अपर जिला जज कविता मिश्रा व अंकिता शुक्ला सहित अन्य न्यायिक अधिकारी मौजूद रहे।

फोटो-41- लोक अदालत का निरीक्षण करते जिला जज अनिल कुमार वर्मा और अन्य। संवाद

फोटो-41- लोक अदालत का निरीक्षण करते जिला जज अनिल कुमार वर्मा और अन्य। संवाद