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तीन घंटे चला श्रमिकों का हंगामा, रात 9:30 बजे हटाया शव
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फोटो-50- देर रात तक शव को पोस्टमार्टम के लिए न ले जाने की जिद पर बैठे श्रमिक। संवाद
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सोनिक। सरांय कटियान के औद्योगिक गलियारे में पाइलिंग मशीन का डीजल टैंक फटने से आग लगने और सहायक ऑपरेटर के जिंदा जलने की घटना में शाम 5:30 बजे हुई घटना में श्रमिकों ने तीन घंटे तक हंगामा किया। पुलिस ने, मृतक के परिजनों और निर्माण एजेंसी के मैनेजर की वार्ता कराई। कंपनी के वर्क इंचार्ज रणविजय ने अधिक से अधिक मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया तब रात 9:30 बजे शव परिजन शांत हुए।
रात 9:30 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फैक्टरी के निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों ने आरोप लगाया कि जिस पाइलिंग मशीन के डीजल टैंक में विस्फोट हुआ और आग लगी उसी में उसमें जेनरेटर भी रखा था। उसी जनरेटर से वेल्डिंग का भी काम किया जा रहा था। इसी लापरवाही के कारण आग लगने की घटना हुई है। आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी की ओर से श्रमिकों की सुरक्षा की लगातार अनदेखी की जा रही है। सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि, सहायक ऑपरेटर, ठेकेदार शारिक के माध्यम से काम कर रहा था। पुलिस ने परिजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे दोनों पक्षों में वार्ता कराई गई। निर्माण एजेंसी के मैनेजर रणविजय ने अधिक से अधिक मुआवजा देने की बात लिखित में दी तब परिजन और श्रमिक शांत हुए।
कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दिया धमाका
डीजल टैंक में हुआ विस्फोट इतना तेज था कि धमाका कई किलोमीटर दूर तक सुना गया। जिसने भी सुना सहम गया। सरायं कटियान से सटे सोनिक, मुर्तजा नगर तक धमाके की आवाज सुनी गई। तेज लपटे और काले धुएं का गुबार देख लोगों को घटना का पता चला और आसपास गांव के लोगों को मजमा लग गया।
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रात 9:30 बजे पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। फैक्टरी के निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों ने आरोप लगाया कि जिस पाइलिंग मशीन के डीजल टैंक में विस्फोट हुआ और आग लगी उसी में उसमें जेनरेटर भी रखा था। उसी जनरेटर से वेल्डिंग का भी काम किया जा रहा था। इसी लापरवाही के कारण आग लगने की घटना हुई है। आरोप लगाया कि निर्माण एजेंसी की ओर से श्रमिकों की सुरक्षा की लगातार अनदेखी की जा रही है। सुरक्षा के लिए जरूरी उपकरण तक उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। दही थानाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि, सहायक ऑपरेटर, ठेकेदार शारिक के माध्यम से काम कर रहा था। पुलिस ने परिजनों को मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। करीब एक घंटे दोनों पक्षों में वार्ता कराई गई। निर्माण एजेंसी के मैनेजर रणविजय ने अधिक से अधिक मुआवजा देने की बात लिखित में दी तब परिजन और श्रमिक शांत हुए।
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कई किलोमीटर दूर तक सुनाई दिया धमाका
डीजल टैंक में हुआ विस्फोट इतना तेज था कि धमाका कई किलोमीटर दूर तक सुना गया। जिसने भी सुना सहम गया। सरायं कटियान से सटे सोनिक, मुर्तजा नगर तक धमाके की आवाज सुनी गई। तेज लपटे और काले धुएं का गुबार देख लोगों को घटना का पता चला और आसपास गांव के लोगों को मजमा लग गया।
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