{"_id":"6a0f566a35cdf1163107d8d4","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1001-150864-2026-05-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: पत्नी की हत्या में पति को उम्रकैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
उन्नाव। माखी थाना क्षेत्र में चार साल पहले हुई दहेज हत्या के मामले में अपर जिला जज प्रथम की न्यायालय ने दोषी राजकुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश कविता मिश्रा ने 28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
रिंकी के पिता संतोष कुमार ने 8 दिसंबर 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने दामाद राजकुमार पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया था। संतोष कुमार ने बताया कि बेटी की शादी साल 2015 में हुई थी। राजकुमार दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं था। वह तीन लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर वह रिंकी को पीटता था। 8 दिसंबर 2022 को रिंकी के ससुराल से उसकी हत्या की सूचना मिली। संतोष कुमार के पहुंचने पर ससुरालीजन घर से फरार थे। पुलिस ने राजकुमार को 11 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ सफीपुर माया राय ने की थी। उन्होंने हत्यारोपी राजकुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। यह मुकदमा चार सालों से अपर जिला जज प्रथम की न्यायालय में विचाराधीन था।
विज्ञापन
21 मई 2026 को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। अभियोजन पक्ष की दलीलों को न्यायाधीश कविता मिश्रा ने सुना। उन्होंने दोषी राजकुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
रिंकी के पिता संतोष कुमार ने 8 दिसंबर 2022 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने दामाद राजकुमार पर दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया था। संतोष कुमार ने बताया कि बेटी की शादी साल 2015 में हुई थी। राजकुमार दिए गए दहेज से संतुष्ट नहीं था। वह तीन लाख रुपये की अतिरिक्त मांग कर रहा था। मांग पूरी न होने पर वह रिंकी को पीटता था। 8 दिसंबर 2022 को रिंकी के ससुराल से उसकी हत्या की सूचना मिली। संतोष कुमार के पहुंचने पर ससुरालीजन घर से फरार थे। पुलिस ने राजकुमार को 11 दिसंबर 2022 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
विज्ञापन
विज्ञापन
मुकदमे की विवेचना तत्कालीन सीओ सफीपुर माया राय ने की थी। उन्होंने हत्यारोपी राजकुमार के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य एकत्र किए। इसके बाद न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। यह मुकदमा चार सालों से अपर जिला जज प्रथम की न्यायालय में विचाराधीन था।
Trending Videos
21 मई 2026 को मुकदमे की अंतिम सुनवाई पूरी हुई। अभियोजन पक्ष की दलीलों को न्यायाधीश कविता मिश्रा ने सुना। उन्होंने दोषी राजकुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही उस पर 28 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।