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Unnao News: मजदूर की बेटी को आयकर विभाग ने भेजा 20 करोड़ का नोटिस
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फोटो-13- गिरजाबाग मोहल्ला स्थित अपने घर में मौजूद रश्मि सविता। संवाद
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उन्नाव। गिरजाबाग मोहल्ला निवासी मजदूर की स्नातक पास बेटी को चंडीगढ़ से आयकर विभाग ने नोटिस भेजकर 20 करोड़ की कमाई का ब्योरा मांगा है। यह कमाई कबाड़ के कारोबार से बताई गई है। पीड़िता ने जनसुनवाई पोर्टल और पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना दिया है। धोखाधड़ी में फंसाने की आशंका जताते हुए जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
सदर कोतवाली के गिरजाबाग मोहल्ला निवासी रश्मि सविता ने बताया कि वह बीए पास कर घर में ही रहती हैं। पिता अजय शंकर मजदूरी करते हैं। दो कमरों में पूरा परिवार गुजर-बसर करता है। धूप से बचाव के लिए घर में तिरपाल लगा है। बताया कि नौ मई को उसे चंडीगढ़ आयकर विभाग का नोटिस मिला जिसमें उसके द्वारा 20 करोड़ की कमाई की बात कही गई है। यह देखकर वह घबरा गई। उसने नोटिस को पढ़ा और अपने हिसाब से जवाब भी भेजा है। उसका कहना है कि जिस कबाड़ के काम से यह कमाई दिखाई गई है, उसमें उसका आधारकार्ड और पैनकार्ड कहां से मिला। पीड़िता ने मोतीनगर मोहल्ले में संचालित कैफे संचालक पर ही इसका दुरुपयोग करने की आशंका जताई है।
पीड़िता ने बताया कि फिलहाल नोटिस का जवाब देने के साथ ही उसने जनसुनवाई पोर्टल और साइबर सेल में भी प्रार्थनापत्र दे दिया है। अब उसे अधिवक्ता जो सलाह दे रहे हैं, उसी आधार पर वह आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है। पीड़िता ने बताया कि पिता मजदूरी करते हैं, भाई अभी कुछ नहीं कर रहा है। एक बहन है उसकी शादी हो चुकी है। मां गृहिणी हैं, ऐसे में इतनी कमाई कहां से दिखा दी गई, वह परेशान है। नोटिस आने के बाद पूरा परिवार डरा है। पीड़िता ने प्रशासन से मामले की जांच कर जालसाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाना प्रभारी राजेश मिश्र ने बताया कि ऐसी तहरीर नहीं मिली है। अगर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बैंक खाता खुलवाने के लिए कैफे में दिया था आधार और पैनकार्ड
पीड़िता रश्मि ने बताया कि कई साल पहले इंडियन ओवरसीज बैंक में खाता खुलवाने के लिए आधार और पैनकार्ड की जरूरत थी। तब मोतीनगर मोहल्ले में जीजीआईसी स्कूल के पास स्थित कैफे में आधार और पैन कार्ड की फोटोकॉपी कराने के लिए दिया था। इसके अलावा कहीं भी इनका प्रयोग नहीं किया। पीड़िता को शक है कि वहीं से उसके अभिलेखों का गलत उपयोग किया गया।
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सदर कोतवाली के गिरजाबाग मोहल्ला निवासी रश्मि सविता ने बताया कि वह बीए पास कर घर में ही रहती हैं। पिता अजय शंकर मजदूरी करते हैं। दो कमरों में पूरा परिवार गुजर-बसर करता है। धूप से बचाव के लिए घर में तिरपाल लगा है। बताया कि नौ मई को उसे चंडीगढ़ आयकर विभाग का नोटिस मिला जिसमें उसके द्वारा 20 करोड़ की कमाई की बात कही गई है। यह देखकर वह घबरा गई। उसने नोटिस को पढ़ा और अपने हिसाब से जवाब भी भेजा है। उसका कहना है कि जिस कबाड़ के काम से यह कमाई दिखाई गई है, उसमें उसका आधारकार्ड और पैनकार्ड कहां से मिला। पीड़िता ने मोतीनगर मोहल्ले में संचालित कैफे संचालक पर ही इसका दुरुपयोग करने की आशंका जताई है।
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पीड़िता ने बताया कि फिलहाल नोटिस का जवाब देने के साथ ही उसने जनसुनवाई पोर्टल और साइबर सेल में भी प्रार्थनापत्र दे दिया है। अब उसे अधिवक्ता जो सलाह दे रहे हैं, उसी आधार पर वह आगे की प्रक्रिया पूरी कर रही है। पीड़िता ने बताया कि पिता मजदूरी करते हैं, भाई अभी कुछ नहीं कर रहा है। एक बहन है उसकी शादी हो चुकी है। मां गृहिणी हैं, ऐसे में इतनी कमाई कहां से दिखा दी गई, वह परेशान है। नोटिस आने के बाद पूरा परिवार डरा है। पीड़िता ने प्रशासन से मामले की जांच कर जालसाजी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाना प्रभारी राजेश मिश्र ने बताया कि ऐसी तहरीर नहीं मिली है। अगर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
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बैंक खाता खुलवाने के लिए कैफे में दिया था आधार और पैनकार्ड
पीड़िता रश्मि ने बताया कि कई साल पहले इंडियन ओवरसीज बैंक में खाता खुलवाने के लिए आधार और पैनकार्ड की जरूरत थी। तब मोतीनगर मोहल्ले में जीजीआईसी स्कूल के पास स्थित कैफे में आधार और पैन कार्ड की फोटोकॉपी कराने के लिए दिया था। इसके अलावा कहीं भी इनका प्रयोग नहीं किया। पीड़िता को शक है कि वहीं से उसके अभिलेखों का गलत उपयोग किया गया।