{"_id":"6a5141c580b600cc430d2ccb","slug":"unnao-news-unnao-news-c-221-1-uno1001-153593-2026-07-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Unnao News: दूषित अपशिष्ट डंप करने से मरी थीं मछलियां, आरोपी पर दर्ज होगी प्राथमिकी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Unnao News: दूषित अपशिष्ट डंप करने से मरी थीं मछलियां, आरोपी पर दर्ज होगी प्राथमिकी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सफीपुर। आसीवन तरफ पश्चिम स्थित मछली पालन तालाब में 10 दिन पहले युवक ने दूषित अपशिष्ट डंप कर दिया था। इससे करीब 12 लाख रुपये की मछलियां मर गई है। इस मामले आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के साथ क्षतिपूर्ति के आदेश हुए हैं।
आसीवन थाना क्षेत्र के गांव आसीवन तरफ पश्चिम में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा का गढ़ा नाम से जाना-जाने वाला लगभग सात बीघे का तालाब है। उसमें चरी योजना के तहत नर और मादा मछलियों को संरक्षित कर पूरे साल प्रजनन कराया जाता है। मछली पालने वाले सैफुर्रहमान सफवी ने तीन जुलाई को डीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र देकर आरोप लगाया था कि तालाब के पड़ोस में गांव मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह का प्लाॅट है। प्लाॅट में लखनऊ से जहरीली सिस्ट लाकर डलवाई जा रही है। दिलीप को टोका लेकिन वह नहीं माने। जहरीला अपशिष्ट तालाब में ही फेंकवा दिया। इससे तालाब का पानी जहरीला हो गया और लगभग 80 से 90 क्विंटल मछलियां मर गईं।
शिकायत के बाद तालाब के पानी को लैब भेजकर जांच कराई गई जिसमें पानी में अपशिष्ट मिला। मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने भी मौके पर जांच की। आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए थे। शुक्रवार को मत्स्य पालक विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बालकिशोर दुबे ने आसीवन एसओ को पत्र लिखकर विभागीय जांच में घटना सत्य मिलने की बात कही। आरोपी दिलीप सिंह पर प्राथमिकी दर्ज कर क्षतिपूर्ति कराने के निर्देश दिए हैं। मत्स्य पालन अधिकारी ने डीपीआरओ, एसडीएम हसनगंज को पत्र लिख कार्रवाई की सिफारिश की है।
विज्ञापन
विज्ञापन
आसीवन थाना क्षेत्र के गांव आसीवन तरफ पश्चिम में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा का गढ़ा नाम से जाना-जाने वाला लगभग सात बीघे का तालाब है। उसमें चरी योजना के तहत नर और मादा मछलियों को संरक्षित कर पूरे साल प्रजनन कराया जाता है। मछली पालने वाले सैफुर्रहमान सफवी ने तीन जुलाई को डीएम सहित अन्य अधिकारियों को पत्र देकर आरोप लगाया था कि तालाब के पड़ोस में गांव मुजफ्फरपुर सर्रा निवासी दिलीप सिंह का प्लाॅट है। प्लाॅट में लखनऊ से जहरीली सिस्ट लाकर डलवाई जा रही है। दिलीप को टोका लेकिन वह नहीं माने। जहरीला अपशिष्ट तालाब में ही फेंकवा दिया। इससे तालाब का पानी जहरीला हो गया और लगभग 80 से 90 क्विंटल मछलियां मर गईं।
विज्ञापन
शिकायत के बाद तालाब के पानी को लैब भेजकर जांच कराई गई जिसमें पानी में अपशिष्ट मिला। मत्स्य पालन विभाग के अधिकारियों ने भी मौके पर जांच की। आसपास के लोगों के बयान भी दर्ज किए थे। शुक्रवार को मत्स्य पालक विकास अभिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी बालकिशोर दुबे ने आसीवन एसओ को पत्र लिखकर विभागीय जांच में घटना सत्य मिलने की बात कही। आरोपी दिलीप सिंह पर प्राथमिकी दर्ज कर क्षतिपूर्ति कराने के निर्देश दिए हैं। मत्स्य पालन अधिकारी ने डीपीआरओ, एसडीएम हसनगंज को पत्र लिख कार्रवाई की सिफारिश की है।
विज्ञापन