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Unnao News: बड़े भाई पर पिता के बैंक खाते से 32 लाख हड़पने के आरोप
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सफीपुर। मुरादपुर गांव निवासी महेंद्र ने पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह को तहरीर दी। इसमें अपने बड़े भाई पर पिता के बैंक खाते से करीब 32 लाख रुपये धोखाधड़ी कर निकालने का आरोप लगाया। महेंद्र का कहना है कि पिता की मौत के बाद बड़े भाई ने यह रकम हड़प ली।
महेंद्र के पिता शिवनाथ स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2021 में बीमारी स उनकी मौत हो गई थी। उनके बैंक खाते में लगभग 32 लाख रुपये जमा थे और कोई नॉमिनी नहीं था। आरोप है कि बड़े भाई ने बैंक संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने के बहाने महेंद्र से सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद अगस्त 2025 में कथित तौर पर पिता के खाते से पूरी रकम निकाल ली गई। महेंद्र और उसकी बहनों कांति व विमला ने अपने हिस्से की रकम मांगी। आरोपी ने उन्हें चेक दिए। महेंद्र को 11 लाख रुपये और दोनों बहनों को तीन-तीन लाख रुपये के चेक मिले थे। 19 अगस्त 2025 को ये सभी चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए।
चेक बाउंस होने पर आरोपी ने चेक वापस लिए और तीन महीने में भुगतान का भरोसा दिया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली। 24 दिसंबर 2025 को रुपये मांगने पर बड़े भाई ने महेंद्र से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। महेंद्र ने 26 दिसंबर 2025 को थाना सफीपुर में शिकायत दर्ज कराई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 जुलाई 2026 को दोबारा प्रार्थनापत्र देने पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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पीड़ित महेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी से मिलीभगत की। पुलिस ने उल्टा उसका ही चालान कर दिया। इस मामले में कोतवाली प्रभारी संदीप मिश्र ने बताया कि उन्हें तहरीर मिली है। कहा कि मामले की जांच की जा रही है। महेंद्र और उसकी बहनें अब न्याय की गुहार लगा रही हैं।
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महेंद्र के पिता शिवनाथ स्वास्थ्य विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी पद से सेवानिवृत्त हुए थे। वर्ष 2021 में बीमारी स उनकी मौत हो गई थी। उनके बैंक खाते में लगभग 32 लाख रुपये जमा थे और कोई नॉमिनी नहीं था। आरोप है कि बड़े भाई ने बैंक संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराने के बहाने महेंद्र से सादे कागजों पर हस्ताक्षर कराए। इसके बाद अगस्त 2025 में कथित तौर पर पिता के खाते से पूरी रकम निकाल ली गई। महेंद्र और उसकी बहनों कांति व विमला ने अपने हिस्से की रकम मांगी। आरोपी ने उन्हें चेक दिए। महेंद्र को 11 लाख रुपये और दोनों बहनों को तीन-तीन लाख रुपये के चेक मिले थे। 19 अगस्त 2025 को ये सभी चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण बाउंस हो गए।
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चेक बाउंस होने पर आरोपी ने चेक वापस लिए और तीन महीने में भुगतान का भरोसा दिया। लेकिन तय समय बीतने के बाद भी रकम नहीं मिली। 24 दिसंबर 2025 को रुपये मांगने पर बड़े भाई ने महेंद्र से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। महेंद्र ने 26 दिसंबर 2025 को थाना सफीपुर में शिकायत दर्ज कराई, पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। 9 जुलाई 2026 को दोबारा प्रार्थनापत्र देने पर भी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।
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पीड़ित महेंद्र ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विपक्षी से मिलीभगत की। पुलिस ने उल्टा उसका ही चालान कर दिया। इस मामले में कोतवाली प्रभारी संदीप मिश्र ने बताया कि उन्हें तहरीर मिली है। कहा कि मामले की जांच की जा रही है। महेंद्र और उसकी बहनें अब न्याय की गुहार लगा रही हैं।