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Unnao News: रजिस्टर में चढ़ रही हाजिरी, डॉक्टर पीएचसी से नदारद
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फोटो-5 - 21 जनवरी को खाली डॉक्टर सम्मीउद्दीन की कुर्सी। संवाद
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औरास। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र दिपवल में व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां रजिस्टर में डॉक्टरों की नियमित उपस्थिति दर्ज है लेकिन हकीकत में डॉक्टर कक्ष से गायब रहते हैं। बुधवार को जब पड़ताल की गई तो डॉक्टर के हस्ताक्षर रजिस्टर पर मिले लेकिन डॉक्टर पूरे दिन अस्पताल नहीं पहुंचे।
दिपवल पीएचसी में आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर सम्मीउद्दीन की तैनाती 2019 में हुई थी। वह पहले तो अस्पताल आते थे लेकिन बाद में आना लगभग बंद कर दिया। मौजूदा समय हालत यह है कि वह कभी अस्पताल आते ही नहीं है और उनकी हाजिरी लगातार रजिस्टर में दर्ज हो रही है। घर बैठे सरकारी तनख्वाह उठा रहे हैं। ओपीडी में पहुंचे मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर अक्सर अस्पताल में दिखाई ही नहीं देते, इसके बावजूद उनकी हाजिरी रोजाना रजिस्टर में लग जाती है।
मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि सुबह से दोपहर तक डॉक्टर कक्ष बंद रहता है। मजबूरी में लोग बिना इलाज के लौटने को विवश हो जाते हैं या फिर निजी चिकित्सकों के यहां जाना पड़ता है। कई मरीजों ने बताया कि स्टाफ से पूछने पर कभी बैठक तो कभी बाहर होने का बहाना बना दिया जाता है।
वर्जन...
सुबह समय से अस्पताल पहुंच गया था लेकिन जरूरी काम होने से जल्दी चला आया था। नियमित अस्पताल जाते हैं। कभी कोई समस्या होती है तो छुट्टी ले लेते हैं।- डॉक्टर सम्मीउद्दीन, आयुर्वेद चिकित्सक
बोले जिम्मेदार
अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा मामले की जांच कराई जाएगी और सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। -डॉ. अनूप, सीएचसी प्रभारी, औरास।
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दिपवल पीएचसी में आयुर्वेद चिकित्सक डॉक्टर सम्मीउद्दीन की तैनाती 2019 में हुई थी। वह पहले तो अस्पताल आते थे लेकिन बाद में आना लगभग बंद कर दिया। मौजूदा समय हालत यह है कि वह कभी अस्पताल आते ही नहीं है और उनकी हाजिरी लगातार रजिस्टर में दर्ज हो रही है। घर बैठे सरकारी तनख्वाह उठा रहे हैं। ओपीडी में पहुंचे मरीजों का आरोप है कि डॉक्टर अक्सर अस्पताल में दिखाई ही नहीं देते, इसके बावजूद उनकी हाजिरी रोजाना रजिस्टर में लग जाती है।
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मरीजों और तीमारदारों का कहना है कि सुबह से दोपहर तक डॉक्टर कक्ष बंद रहता है। मजबूरी में लोग बिना इलाज के लौटने को विवश हो जाते हैं या फिर निजी चिकित्सकों के यहां जाना पड़ता है। कई मरीजों ने बताया कि स्टाफ से पूछने पर कभी बैठक तो कभी बाहर होने का बहाना बना दिया जाता है।
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सुबह समय से अस्पताल पहुंच गया था लेकिन जरूरी काम होने से जल्दी चला आया था। नियमित अस्पताल जाते हैं। कभी कोई समस्या होती है तो छुट्टी ले लेते हैं।- डॉक्टर सम्मीउद्दीन, आयुर्वेद चिकित्सक
बोले जिम्मेदार
अस्पताल का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इसके अलावा मामले की जांच कराई जाएगी और सख्त कार्रवाई भी की जाएगी। -डॉ. अनूप, सीएचसी प्रभारी, औरास।
