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Unnao News: पांच साल में डेढ़ लाख युवाओं को देंगे एआई प्रशिक्षण
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फोटो-19- नवाबगंज स्थित चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम में संबोधित करते वाइस चांसलर प्रो. डॉ.
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न्नाव। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में स्मार्ट हेल्थकेयर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का शुभारंभ किया गया। यूनिवर्सिटी ने अगले पांच वर्षों में डेढ़ लाख युवाओं को एआई के लिए प्रशिक्षित करने की योजना बनाई है।
वाइस चांसलर डॉ. थिपेंद्र पी सिंह ने बताया कि सेंटर का उद्देश्य तकनीक से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है। शुभारंभ में समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण भी वर्चुअली शामिल हुए। यह सेंटर मेडिकल इमेजिंग और डायग्नोस्टिक्स जैसे एक्सरे, एमआरआई, सीटी स्कैन पर केंद्रित होगा। यह प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स और डेटा प्राइवेसी में नवाचार व अनुसंधान को बढ़ावा देगा। एआई एथिक्स ट्रेनिंग प्रोग्राम अपग्रेड के सहयोग से शुरू हुआ है।
इस अवसर पर ‘एआई इन गवर्नेंस’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी हुई। इसमें आधुनिक शासन प्रणालियों में एआई की भूमिका पर चर्चा हुई। नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार पर भी बात की गई।
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एआई के नैतिक उपयोग पर जोर
इनोवेशन सेल गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राहुल के सिंह ने एआई के नैतिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई डेटा-आधारित तकनीक है और स्वास्थ्य सेवा में इसकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि मरीजों तक पहुंचने वाले एआई समाधान चिकित्सकीय रूप से मान्य, सुरक्षित और डॉक्टर के नेतृत्व वाले हों।
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डिजिटल गवर्नेंस के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी है योजना
यूनिवर्सिटी सरकारी अधिकारियों के लिए एआई और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की भी योजना बना रही है। सीयू यूपी का लक्ष्य कैंपस को स्मार्ट सिटी प्रबंधन और डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं में एआई समाधानों के परीक्षण के लिए एक प्रभावी केंद्र बनाना है।
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वाइस चांसलर डॉ. थिपेंद्र पी सिंह ने बताया कि सेंटर का उद्देश्य तकनीक से बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देना है। शुभारंभ में समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण भी वर्चुअली शामिल हुए। यह सेंटर मेडिकल इमेजिंग और डायग्नोस्टिक्स जैसे एक्सरे, एमआरआई, सीटी स्कैन पर केंद्रित होगा। यह प्रिडिक्टिव एनालिटिक्स और डेटा प्राइवेसी में नवाचार व अनुसंधान को बढ़ावा देगा। एआई एथिक्स ट्रेनिंग प्रोग्राम अपग्रेड के सहयोग से शुरू हुआ है।
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इस अवसर पर ‘एआई इन गवर्नेंस’ विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी भी हुई। इसमें आधुनिक शासन प्रणालियों में एआई की भूमिका पर चर्चा हुई। नागरिक-केंद्रित सेवाओं में सुधार पर भी बात की गई।
एआई के नैतिक उपयोग पर जोर
इनोवेशन सेल गवर्नमेंट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, ग्रेटर नोएडा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. राहुल के सिंह ने एआई के नैतिक उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई डेटा-आधारित तकनीक है और स्वास्थ्य सेवा में इसकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि मरीजों तक पहुंचने वाले एआई समाधान चिकित्सकीय रूप से मान्य, सुरक्षित और डॉक्टर के नेतृत्व वाले हों।
डिजिटल गवर्नेंस के प्रशिक्षण कार्यक्रम की भी है योजना
यूनिवर्सिटी सरकारी अधिकारियों के लिए एआई और डिजिटल गवर्नेंस से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की भी योजना बना रही है। सीयू यूपी का लक्ष्य कैंपस को स्मार्ट सिटी प्रबंधन और डिजिटल सार्वजनिक सेवाओं में एआई समाधानों के परीक्षण के लिए एक प्रभावी केंद्र बनाना है।