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Unnao News: कल्याणी के पानी में डूबी 400 बीघा फसल नष्ट होने का खतरा
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फोटो-21- मरौंदा गांव में बाढ काप पानी खेत में जाने से रोकने के लिए मेड़ को ऊंचा कराते किसान। स
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परियर (उन्नाव)। हमेशा सूखी रहने वाली कल्याणी नदी में नहर का पानी जाने से किसानों की उड़द, मूंग जैसी दलहनी और सब्जी की खेती जलमग्न हो गईं हैं। किसानों का कहना है कि पानी दो दिन और भरा रहा तो पौधे सड़ जाएंगे। फसल बचाने के लिए किसान मेड़ों की ऊंचाई बढ़ा रहे हैं। मेड़ काटकर पानी निकालने की कवायद की जा रही है। फसलों को नुकसान होने के बाद भी राजस्व विभाग की टीम न पहुंचने से किसानों में नाराजगी है। एडीएम ने बताया कि तहसील प्रशासन को सर्वे कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं।
उन्नाव नहर ब्रांच में पानी आने से निर्माणाधीन पुलिया के पास बनाया गया वैकल्पिक रास्ता बह गया था। इस पर नहर विभाग ने पानी को पुरवा और दूसरी नहर ब्रांचों में मोड़ दिया था। नहर के पानी से बुधवार रात कल्याणी नदी उफनाने से सदर तहसील क्षेत्र के मरौंदा सूचित व कटरी मरौंदा गांव की करीब 350 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। बृहस्पतिवार को किसानों ने अधिकारियों को सूचना दी लेकिन पानी का बहाव रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। प्रभावित फसल का दायरा शुक्रवार को करीब 400 बीघा हो गया।
हजारों की लागत और मेहनत पर पानी फिरते देख, परेशान किसान फसलों को बचाने के लिए दिन-रात कवायद में जुटे हैं। ट्रैक्टर और फावड़ा की मदद से पानी को फसलों में भरने से रोकने के लिए मेड़ों को ऊंचा करते रहे। किसानों ने बताया कि उड़द, मूंग के अलावा तरबूज, खरबूजा, तरोई, लौकी, खीरा, भिंडी आदि सब्जी की फसलें लगातार दो दिन से डूबी होने से अब पौधों और फलत सड़ने का खतरा बढ़ गया है। ट्रैक्टर लेवरर और रोटावेटर से मेड़ ऊंची करके फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो सारे प्रयास बेकार साबित होंगे। किसान अनुज निषाद, संतोष, मुलायम, मनोज, कमलेश, विमल आदि किसानों ने बताया कि अभी तक कोई विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। पानी और बढ़ेगा या घटेगा इसकी भी कोई जानकारी देने वाला नहीं है।
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कल्याणी नदी में नहर का पानी जाने से ओवर फ्लो हुई है। शारदा नहर विभाग और सदर तहसील के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके साथ ही राजस्व टीम को मौके पर भेजकर फसलों के नुकसान का आकलन करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम
फोटो-22-राजेंद्र राजपूत
कोई अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचा
किसान राजेंद्र राजपूत ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ा है। इससे ज्यादातर फसलें डूब गई है। किसी भी विभागीय अधिकारी ने समस्या का हल बताना तो दूर गांव पहुंचना भी जरूरी नहीं समझा है।
फोटो-23-राजेश गौतम
हर फसल में आ रही बाढ़
किसान राजेश गौतम ने बताया इस बार हर फसल के समय बाढ़ आ रही है। इससे कोई भी फसल तैयार नहीं हो पा रही है। कोई मुआवजा भी नहीं मिलता है। इससे गरीब किसान बहुत परेशान हैं।
ये भी कर सकते हैं किसान
फसल खराब होने पर किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447, बीमा कंपनी, बैंक, या कृषि विभाग को सूचित कर सकते हैं। वह क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दावा दर्ज कर सकते हैं। स्थानीय लेखपाल या उच्चाधिकारियों को सूचना दे सकते हैं।
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उन्नाव नहर ब्रांच में पानी आने से निर्माणाधीन पुलिया के पास बनाया गया वैकल्पिक रास्ता बह गया था। इस पर नहर विभाग ने पानी को पुरवा और दूसरी नहर ब्रांचों में मोड़ दिया था। नहर के पानी से बुधवार रात कल्याणी नदी उफनाने से सदर तहसील क्षेत्र के मरौंदा सूचित व कटरी मरौंदा गांव की करीब 350 बीघा फसल जलमग्न हो गई थी। बृहस्पतिवार को किसानों ने अधिकारियों को सूचना दी लेकिन पानी का बहाव रोकने के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए। प्रभावित फसल का दायरा शुक्रवार को करीब 400 बीघा हो गया।
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हजारों की लागत और मेहनत पर पानी फिरते देख, परेशान किसान फसलों को बचाने के लिए दिन-रात कवायद में जुटे हैं। ट्रैक्टर और फावड़ा की मदद से पानी को फसलों में भरने से रोकने के लिए मेड़ों को ऊंचा करते रहे। किसानों ने बताया कि उड़द, मूंग के अलावा तरबूज, खरबूजा, तरोई, लौकी, खीरा, भिंडी आदि सब्जी की फसलें लगातार दो दिन से डूबी होने से अब पौधों और फलत सड़ने का खतरा बढ़ गया है। ट्रैक्टर लेवरर और रोटावेटर से मेड़ ऊंची करके फसल बचाने का प्रयास कर रहे हैं लेकिन पानी इसी तरह बढ़ता रहा तो सारे प्रयास बेकार साबित होंगे। किसान अनुज निषाद, संतोष, मुलायम, मनोज, कमलेश, विमल आदि किसानों ने बताया कि अभी तक कोई विभागीय अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा है। पानी और बढ़ेगा या घटेगा इसकी भी कोई जानकारी देने वाला नहीं है।
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कल्याणी नदी में नहर का पानी जाने से ओवर फ्लो हुई है। शारदा नहर विभाग और सदर तहसील के अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी गई है। इसके साथ ही राजस्व टीम को मौके पर भेजकर फसलों के नुकसान का आकलन करने और रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों की हर संभव मदद की जाएगी। -सुशील कुमार गोंड, एडीएम
फोटो-22-राजेंद्र राजपूत
कोई अधिकारी गांव तक नहीं पहुंचा
किसान राजेंद्र राजपूत ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ा है। इससे ज्यादातर फसलें डूब गई है। किसी भी विभागीय अधिकारी ने समस्या का हल बताना तो दूर गांव पहुंचना भी जरूरी नहीं समझा है।
फोटो-23-राजेश गौतम
हर फसल में आ रही बाढ़
किसान राजेश गौतम ने बताया इस बार हर फसल के समय बाढ़ आ रही है। इससे कोई भी फसल तैयार नहीं हो पा रही है। कोई मुआवजा भी नहीं मिलता है। इससे गरीब किसान बहुत परेशान हैं।
ये भी कर सकते हैं किसान
फसल खराब होने पर किसान 72 घंटे के भीतर टोल फ्री नंबर 14447, बीमा कंपनी, बैंक, या कृषि विभाग को सूचित कर सकते हैं। वह क्रॉप इंश्योरेंस ऐप के माध्यम से दावा दर्ज कर सकते हैं। स्थानीय लेखपाल या उच्चाधिकारियों को सूचना दे सकते हैं।