उन्नाव। शहर के लखनऊ बाईपास स्थित एक होटल में शब्दगंगा सृजन संस्थान ने काव्यगंगा का आयोजन किया। कीर्ति शेष नवीन दीक्षित की स्मृति में हुए आयोजन में कवियों ने रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। डॉ. विनय आशु ने ‘वह भी क्या गजब का बंदा है, जो चोरी करता चंदा है।’ पढ़कर राम मंदिर के चर्चित चंदा चोरी के मामले पर कटाक्ष किया।इस मौके पर कवियों को सम्मानित भी किया गया।
कवि गुलाब सिंह की वाणी वंदना से शुरू हुए काव्य पाठ की अध्यक्षता कवि ओपी वर्मा व संचालन डॉ. अतुल बाजपेई ने किया। कवि अविचल गुप्ता ने ‘प्रिये छोड़ो नहीं हम बिखर जाएंगे, प्रिये थामो हमें संवर जाएंगे’ पढ़ा। डॉ. अनुराग मिश्र गैर ने ‘किसे दरकार है घी की बताओ, अंगुली कौन टेढ़ी कर रहा है। किसे है यार चूल्हे की अदावत, ये लकड़ी कौन गीली कर रहा है।’ सुनाकर तालियां बटोरी। अजय अवस्थी आनंद ने, ‘जिंदगी है ये तपती कड़ी धूप सी, मार्ग सीधा नहीं है सड़क की तरह।’ पढ़कर वाहवाही बटोरी। अयोध्या से आए कवि शैलेंद्र मासूम ने ‘राम का राज घर-घर में छा जायेगा, राम के ध्यान में चित्तलय कीजिए।’ पढ़कर माहौल को भक्तिमय कर दिया। इनके अलावा लखनऊ के अतुल बाजपेई, बाराबंकी के डॉ. ओपी वर्मा, उन्नाव के अशोक कुमार शर्मा, अधिवक्ता गुलाब सिंह आदि कवियों ने भी काव्यपाठ किया। यहां बिछिया ब्लॉक प्रमुख नीरज गुप्ता, अजय शुक्ल, प्रेम सिंह सेंगर, संजय राठी, उमा निवास बाजपेई, दीपू मिश्रा, गिरीश शुक्ला, राहुलराम द्विवेदी, केपी अवस्थी, ब्रह्मकुमार, ज्ञानेश, धर्मेंद्र मिश्र, मुन्ना सिंह, मनोज पांडेय, अखिलेश अवस्थी, मुकेश सैनी, मयंक शुक्ला आदि लोग रहे।