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Unnao News: रिंग रोड की जद में आ रहे मकानों पर गरजा बुलडोजर
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फोटो-4- रिंग रोड की जद में आ रहे निर्माण को ध्वस्त करता बुलडोजर। संवाद
- फोटो : credit
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अचलगंज। निर्माणाधीन आउटर रिंग रोड की जद में आ रहे मकानों को बुधवार की सुबह ध्वस्त कर दिया। मंगलवार को पूरा मुआवजा न मिलने पर मकान मालिकों के विरोध के कारण कार्रवाई रुक गई थी। बुधवार को राजस्व टीम और पुलिस बल के साथ पहुंची प्रशासन की टीम ने विरोध के बावजूद ध्वस्तीकरण शुरू कर दिया।
कानपुर के मंधना से उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे के आजाद मार्ग चौराहे के बीच आउटर रिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां आजाद मार्ग चौराहे के पास लोगों ने कृषि योग्य भूमि की प्लॉटिंग करके ऊंचे दामों में बेच दी थी। करीब 10 वर्ष से 12 लोग यहां मकान बनाकर रह रहे हैं। ये मकान रिंग रोड की जद में आने पर प्रशासन ने पहले यहां कृषि योग्य भूमि के तहत मुआवजा दे दिया था लेकिन मकान मालिक इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने मकानों की लागत का भी मुआवजा देने की मांग की। इस पर छह महीने से रिंग रोड का काम रुका रहा। बाद में प्रशासन ने भवन निर्माण की लागत का आकलन कर कुछ लोगों को आधा भुगतान कर दिया गया और ध्वस्तीकरण शुरू करा दिया।
मकान मालिक आरिफ, नितिन, इदरीस, अनवर, नईम सिद्दीकी, मोबीन ने बताया कि उन्होंने सारी जमापूंजी लगाकर मकान बनाए थे। ये लोग पूरा मुआवजा मिलने के बाद ही मकान गिराने की बात पर अड़े थे। तहसीलदार सदर मनीष द्विवेदी ने बताया कि रिंग रोड की जद में आ रहे मकानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। शेष भुगतान भी जल्द ही कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य में देरी न हो, इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
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कानपुर के मंधना से उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे के आजाद मार्ग चौराहे के बीच आउटर रिंग रोड का निर्माण कार्य चल रहा है। यहां आजाद मार्ग चौराहे के पास लोगों ने कृषि योग्य भूमि की प्लॉटिंग करके ऊंचे दामों में बेच दी थी। करीब 10 वर्ष से 12 लोग यहां मकान बनाकर रह रहे हैं। ये मकान रिंग रोड की जद में आने पर प्रशासन ने पहले यहां कृषि योग्य भूमि के तहत मुआवजा दे दिया था लेकिन मकान मालिक इससे संतुष्ट नहीं हुए। उन्होंने मकानों की लागत का भी मुआवजा देने की मांग की। इस पर छह महीने से रिंग रोड का काम रुका रहा। बाद में प्रशासन ने भवन निर्माण की लागत का आकलन कर कुछ लोगों को आधा भुगतान कर दिया गया और ध्वस्तीकरण शुरू करा दिया।
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मकान मालिक आरिफ, नितिन, इदरीस, अनवर, नईम सिद्दीकी, मोबीन ने बताया कि उन्होंने सारी जमापूंजी लगाकर मकान बनाए थे। ये लोग पूरा मुआवजा मिलने के बाद ही मकान गिराने की बात पर अड़े थे। तहसीलदार सदर मनीष द्विवेदी ने बताया कि रिंग रोड की जद में आ रहे मकानों को नियमानुसार मुआवजा दिया जा रहा है। शेष भुगतान भी जल्द ही कर दिया जाएगा। निर्माण कार्य में देरी न हो, इसलिए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।
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