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Unnao News: 3.85 करोड़ के घपले में फंसे 12 ब्लॉक मिशन मैनेजर
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फोटो-5-विकासभवन स्थित एनआरएलएम कार्यालय। संवाद
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उन्नाव। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) योजना में 3.85 करोड़ रुपये के घपले में अब 12 ब्लॉक मिशन मैनेजरों (बीएमएम) पर कार्रवाई की तैयारी है। बीएमएम पर जिले के बाहर के वेंडरों को 83.75 लाख रुपये का नियम विरुद्ध भुगतान करने का आरोप है। यह कार्रवाई तत्कालीन प्रभारी उपायुक्त के निलंबन के बाद हो रही है। जांच में आरोप की पुष्टि होने के बाद उपायुक्त ने आगे की कार्रवाई के लिए निदेशक को रिपोर्ट भेजी है।
वित्तीय वर्ष 2023-24 में एनआरएलएम योजना लागू हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना था। यह अभियान 18 अप्रैल 2023 से 30 जून 2023 तक जिले में चला था। शासन ने 3558 समूहों के लिए 3.85 करोड़ रुपये जारी किए थे। प्रति समूह 10,000 रुपये निर्धारित किए गए थे।
तत्कालीन एनआरएलएम प्रभारी संजय पांडेय और जिला मिशन प्रबंधक शिखा मिश्रा ने महिला समूहों को पैसा नहीं दिया। उन्होंने कानपुर देहात, चित्रकूट और उन्नाव के निजी वेंडरों की फर्मों के खातों में बजट भेजकर सरकारी धन का गबन किया। तत्कालीन सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा की ओर से कराई गई जांच में गबन की पुष्टि हुई। इसके बाद कोतवाली में संजय पांडेय और शिखा मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। शासन ने 24 जुलाई को संजय पांडेय को निलंबित कर दिया था।
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अब इसी मामले में 12 बीएमएम पर शिकंजा कसा जा रहा है। जांच टीम ने बीएमएम को 83.75 लाख रुपये वेंडरों के खातों में भेजने का दोषी पाया है। उपायुक्त ने इसी आधार पर निदेशक को आगे की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। मैनेजरों ने सीडीओ को पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि भुगतान तत्कालीन प्रभारी के आदेश पर हुआ था। मैनेजरों ने आरोप लगाया कि जांच में उनका पक्ष नहीं सुना गया।
इंसेट-1
जांच अधिकारी ने विकास भवन से लिए अभिलेख
मामले में सदर कोतवाली में जिम्मेदारों पर दर्ज प्राथमिकी की पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई है। जांच अधिकारी (आईओ) ने विकास भवन स्थित कार्यालय पहुंचकर मामले से जुड़े अभिलेख लिए। सूत्र बताते हैं कि प्राथमिकी में अज्ञात बीएमएम भी शामिल किए गए थे। इसी कारण बीएमएम की भी भूमिका की जांच की गई।
इंसेट-2
सीडीओ के पास पहुंचे बीएमएम, बोले-बिना पक्ष सुने फंसाया गया
बीएमएम शबीना बानो, सोनम सिंह चंदेल, मनप्रीत सिंह, प्राणवीर सिंह, रितिका करमाकर, अंकुर श्रीवास्तव, हुमैरा खान, अरविंद सोनी, संजय यादव आदि ने बुधवार को सीडीओ से मिलकर ज्ञापन सौंपा। बताया कि हम सभी को फंसाया गया है। जो भुगतान उन लोगों ने किया है वह तत्कालीन प्रभारी व जिला मिशन प्रबंधक के कहने पर किया था। इसका व्हाट्सअप पर आए मैसेज व अन्य साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं। जांच टीम ने उनका पक्ष नहीं सुना। मांग की कि उनको भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए।
वर्जन....
पूर्व की रिपोर्ट एनआरएलएम लखनऊ निदेशक को भेजी जा चुकी है। वहीं बीएमएम द्वारा पक्ष रखने के लिए मौका दिए जाने का जो ज्ञापन दिया गया है उसे भी निदेशक को भेज दिया गया है। -भानु प्रताप सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम।
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वित्तीय वर्ष 2023-24 में एनआरएलएम योजना लागू हुई थी। इसका उद्देश्य गरीब महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ना था। यह अभियान 18 अप्रैल 2023 से 30 जून 2023 तक जिले में चला था। शासन ने 3558 समूहों के लिए 3.85 करोड़ रुपये जारी किए थे। प्रति समूह 10,000 रुपये निर्धारित किए गए थे।
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तत्कालीन एनआरएलएम प्रभारी संजय पांडेय और जिला मिशन प्रबंधक शिखा मिश्रा ने महिला समूहों को पैसा नहीं दिया। उन्होंने कानपुर देहात, चित्रकूट और उन्नाव के निजी वेंडरों की फर्मों के खातों में बजट भेजकर सरकारी धन का गबन किया। तत्कालीन सीडीओ प्रेम प्रकाश मीणा की ओर से कराई गई जांच में गबन की पुष्टि हुई। इसके बाद कोतवाली में संजय पांडेय और शिखा मिश्रा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। शासन ने 24 जुलाई को संजय पांडेय को निलंबित कर दिया था।
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अब इसी मामले में 12 बीएमएम पर शिकंजा कसा जा रहा है। जांच टीम ने बीएमएम को 83.75 लाख रुपये वेंडरों के खातों में भेजने का दोषी पाया है। उपायुक्त ने इसी आधार पर निदेशक को आगे की कार्रवाई के लिए पत्र भेजा है। मैनेजरों ने सीडीओ को पत्र देकर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि भुगतान तत्कालीन प्रभारी के आदेश पर हुआ था। मैनेजरों ने आरोप लगाया कि जांच में उनका पक्ष नहीं सुना गया।
इंसेट-1
जांच अधिकारी ने विकास भवन से लिए अभिलेख
मामले में सदर कोतवाली में जिम्मेदारों पर दर्ज प्राथमिकी की पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई है। जांच अधिकारी (आईओ) ने विकास भवन स्थित कार्यालय पहुंचकर मामले से जुड़े अभिलेख लिए। सूत्र बताते हैं कि प्राथमिकी में अज्ञात बीएमएम भी शामिल किए गए थे। इसी कारण बीएमएम की भी भूमिका की जांच की गई।
इंसेट-2
सीडीओ के पास पहुंचे बीएमएम, बोले-बिना पक्ष सुने फंसाया गया
बीएमएम शबीना बानो, सोनम सिंह चंदेल, मनप्रीत सिंह, प्राणवीर सिंह, रितिका करमाकर, अंकुर श्रीवास्तव, हुमैरा खान, अरविंद सोनी, संजय यादव आदि ने बुधवार को सीडीओ से मिलकर ज्ञापन सौंपा। बताया कि हम सभी को फंसाया गया है। जो भुगतान उन लोगों ने किया है वह तत्कालीन प्रभारी व जिला मिशन प्रबंधक के कहने पर किया था। इसका व्हाट्सअप पर आए मैसेज व अन्य साक्ष्य उनके पास उपलब्ध हैं। जांच टीम ने उनका पक्ष नहीं सुना। मांग की कि उनको भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाए।
वर्जन....
पूर्व की रिपोर्ट एनआरएलएम लखनऊ निदेशक को भेजी जा चुकी है। वहीं बीएमएम द्वारा पक्ष रखने के लिए मौका दिए जाने का जो ज्ञापन दिया गया है उसे भी निदेशक को भेज दिया गया है। -भानु प्रताप सिंह, उपायुक्त एनआरएलएम।