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Unnao News: गद्दे आपूर्ति करने वाली फर्म से लिए थे 25 प्रपत्र पर नहीं हुआ था सत्यापन
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उन्नाव। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में जोड़ों को गद्दे आपूर्ति करने वाली फर्म से विभिन्न प्रकार के 25 प्रपत्र तो लिए गए थे लेकिन धरातल पर संस्था के बताए पते पर कोई सत्यापन करने नहीं गया। परिणामस्वरूप आज संस्था का कहीं पता नहीं चल पा रहा है।
24 जुलाई को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 459 जोड़ों का विवाह कराया गया था। इसमें शासन से तय 22 सामानों को देने की जिम्मेदारी अलीगढ़ की मेसर्स इंडियन जनरल ट्रेडर्स को दी गई थी। संस्था ने ऑनलाइन जेम पोर्टल के माध्यम से कम बोली पर टेंडर हासिल किया गया था। समाज कल्याण विभाग ने तीन साल के आइटीआर (आयकर रिटर्न) सहित 25 प्रपत्र जमा कराए थे लेकिन किसी ने अलीगढ़ में दिए गए पते का सत्यापन करने की जहमत नहीं उठाई। परिणामस्वरूप राजनीतिक दल के कवर वाले गद्दे देने वाली फर्म का आज अलीगढ़ में कोई पता नहीं चल पा रहा है। शायद इसी कारण अभी तक नोटिस का जवाब तक नहीं आया है।
जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने दावा किया कि कोई भी फर्म सरकारी योजनाओं में ऐसे ही आपूर्तिकर्ता नहीं तय हो जाती। इसके लिए संबंधित फर्म के कार्य करने की अवधि में कम से कम तीन साल का अनुभव प्रदेश के विभिन्न जिलों में, सामग्री आपूर्ति के बाद उसकी गुणवत्ता व फर्म की इस संबंध में ख्याति देखी जाती है। फर्म का चयन जेम पोर्टल के माध्यम से हुआ था। नोटिस के लिए जो समय दिया गया है, उस समयावधि में यदि जवाब नहीं आता है तो आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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24 जुलाई को आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह में 459 जोड़ों का विवाह कराया गया था। इसमें शासन से तय 22 सामानों को देने की जिम्मेदारी अलीगढ़ की मेसर्स इंडियन जनरल ट्रेडर्स को दी गई थी। संस्था ने ऑनलाइन जेम पोर्टल के माध्यम से कम बोली पर टेंडर हासिल किया गया था। समाज कल्याण विभाग ने तीन साल के आइटीआर (आयकर रिटर्न) सहित 25 प्रपत्र जमा कराए थे लेकिन किसी ने अलीगढ़ में दिए गए पते का सत्यापन करने की जहमत नहीं उठाई। परिणामस्वरूप राजनीतिक दल के कवर वाले गद्दे देने वाली फर्म का आज अलीगढ़ में कोई पता नहीं चल पा रहा है। शायद इसी कारण अभी तक नोटिस का जवाब तक नहीं आया है।
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जिला समाज कल्याण अधिकारी श्रीप्रकाश पांडेय ने दावा किया कि कोई भी फर्म सरकारी योजनाओं में ऐसे ही आपूर्तिकर्ता नहीं तय हो जाती। इसके लिए संबंधित फर्म के कार्य करने की अवधि में कम से कम तीन साल का अनुभव प्रदेश के विभिन्न जिलों में, सामग्री आपूर्ति के बाद उसकी गुणवत्ता व फर्म की इस संबंध में ख्याति देखी जाती है। फर्म का चयन जेम पोर्टल के माध्यम से हुआ था। नोटिस के लिए जो समय दिया गया है, उस समयावधि में यदि जवाब नहीं आता है तो आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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