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वाराणसी: केंद्रीय कारागार में अहिरावण वध की लीला, मंगलवार को होगा रामलीला का समापन

Mon, 19 Oct 2026 06:16 PM IST
किशन चौबे अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी Published by: किशन चौबे Updated Mon, 19 Oct 2026 06:16 PM IST
सार

वाराणसी केंद्रीय कारागार में रामलीला के नौवें दिन अहिरावण वध का मंचन हुआ। आचार्य मधुर दास महाराज ने बंदियों से अपने भीतर की बुराइयों को समाप्त कर भगवान श्रीराम के आदर्श अपनाने की अपील की। मंगलवार को रावण वध, भरत मिलाप और रामराज्याभिषेक के साथ रामलीला का समापन होगा।
 

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Ahiravan Vadh enacted at Varanasi Central Jai
वाराणसी केंद्रीय कारागार, वाराणसी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय कारागार वाराणसी में रामलीला के नौवें दिन सोमवार को लक्ष्मण मूर्छा प्रसंग के बाद अहिरावण वध की लीला का मंचन किया गया। लीला के माध्यम से बंदियों को धर्म, सत्य और सदाचार का संदेश दिया गया। मंगलवार को दशमी के अंतिम दिन शक्ति पूजन, रावण वध, भरत मिलाप और रामराज्याभिषेक की लीलाओं के साथ रामलीला का समापन होगा।

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लीला के दौरान लक्ष्मण की मूर्छा समाप्त होने की जानकारी मिलने पर रावण अपने भाई कुंभकर्ण को युद्ध के लिए भेजता है। इसके बाद मेघनाद युद्धभूमि में आता है, लेकिन भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के हाथों उसका वध हो जाता है। इसके बाद रावण अपने पुत्र अहिरावण को बुलाता है। अहिरावण विभीषण का वेश धारण कर राम और लक्ष्मण को पातालपुरी ले जाता है। वहां हनुमान जी अहिरावण का वध कर दोनों भाइयों को सकुशल वापस लाते हैं। इसके बाद अहिरावण के पुत्र मकरध्वज को पाताललोक का राजा बनाया जाता है।

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Ahiravan Vadh enacted at Varanasi Central Jai
Varanasi Central Jail, Varanasi - फोटो : अमर उजाला

इस अवसर पर वरिष्ठ जेल अधीक्षक राधाकृष्ण मिश्र ने दिल्ली से आए आचार्य मधुर दास जी महाराज को मंच पर आमंत्रित किया। बंदियों को संबोधित करते हुए आचार्य मधुर दास महाराज ने कहा कि धार्मिक ग्रंथ केवल देखने, सुनने, पढ़ने या रखने के लिए नहीं हैं, बल्कि उनके संदेशों को अपने आचरण में उतारने के लिए हैं।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के भीतर रावण और कुंभकर्ण जैसी बुराइयां मौजूद होती हैं। जरूरत इन बुराइयों को समाप्त कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाने की है। रामलीला का उद्देश्य भी लोगों को अच्छे आचरण, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना है।

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