अमन यादव हत्याकांड: केराकत में गैंगवार की आशंका, जौनपुर के हार्डकोर अपराधी के निशाने पर है कृपा
पिंडरा में अमन यादव की हत्या और कृपाशंकर यादव पर जानलेवा हमला मामले पर बड़ा अपडेट आया है। घटना का कनेक्शन जौनपुर केराकत के हार्डकोर अपराधी से जुड़ रहा है।
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पिंडरा में अमन यादव (20) की हत्या और कृपाशंकर यादव (24) पर जानलेवा हमले का कनेक्शन जौनपुर केराकत के हार्डकोर अपराधी से जुड़ रहा है। एक ही गैंग में दो फाड़ होने पर दोनों एक दूसरे के जान के दुश्मन बने हुए हैं। इसी गैंगवार में अमन की हत्या हो गई। केराकत थाने के तीन हिस्ट्रीशीटरों ने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की तफ्तीश में सामने आया कि कृपा शंकर और विरोधी खेमे के बीच अब टकराहट और भी तेज हो गई है। पंचायत चुनाव की रंजिश से कृपाशंकर के ऊपर छह माह में तीसरी बार यह जानलेवा हमला है। साल भर के अंदर आधा दर्जन बार दोनों गिरोह आमने सामने हुए हैं। सोमवार की शाम देवकली जौनपुर निवासी कृपा शंकर यादव अस्पताल से उपचार कराने के बाद केराकत मीरपुर निवासी अमन यादव के संग बाइक से अपने घर लौट रहा था कि बोलेरो सवार बदमाशों ने पिंडरा के नेशनल इंटर कालेज के पास पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी।
बाइक पर पीछे बैठे कृपाशंकर और अमन गोली लगते ही सड़क पर जा गिरे। अस्पताल में अमन की मौत हो गई थी।
इस घटना के पांच माह पूर्व 18 मई को भी बदमाशों ने कृपाशंकर को मुगलसराय कोतवाली क्षेत्र में गोली मारी थी, उस समय नौ राउंड चली गोली में
पांच गोली कृपाशंकर को लगी थी। हालांकि वह उस हमले में बच गया। वहीं, सोमवार को अमन यादव सिर्फ कृपाशंकर के साथ में रहने के कारण मारा गया, केराकत के रहने वाले बदमाश कृपाशंकर को ही मारने आए थे। फूलपुर और क्राइम ब्रांच की तीन टीमें जौनपुर में आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर दबिश दे रही हैं। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाशों का लोकेशन जौनपुर में ही मिला। एक सफेदपोश के संरक्षण में दोनों के होने की बात सामने आ रही है।
मई माह में बदमाशों ने कृपा को मारी थी 5 गोली
फूलपुर पुलिस और क्राइम ब्रांच की तफ्तीश में सामने आया कि कृपाशंकर यादव जिला पंचायत का चुनाव लड़ा था। उसी समय से उसकी आपराधिक प्रवृत्ति के कुछ युवकों से रंजिश हो गई थी। कृपाशंकर को समझता था कि वह सभी उसके पक्ष में
हैं, लेकिन उसके पक्ष में होते हुए भी दूसरे पार्टी को जीत दर्ज करा दी। एक ही गैंग के दोनों सदस्यों में उसी समय से दो फाड़ हुआ और दोनों में
खुलेआम टकराहट हो गई। इसके बाद से कृपाशंकर और उसके विरोधी से अदावत बढ़ती गई। इसी अदावत में कृपाशंकर के ऊपर दो बार हमले हुए। इस घटना से पूर्व 18 मई को बदमाशों ने उसे मुगलसराय कोतवाली अंतर्गत एक गांव में गोली मारी थी, हालांकि कृपाशंकर का दावा है कि पांच गोली शरीर में लगने के बाद भी वह बचकर भाग निकला था। बगैर पुलिस को सूचना दिए निजी अस्पताल में उपचार कराया। उसी समय की लगी गोली का उपचार कराने के लिए वह पिंडरा स्थित निजी अस्पताल में अमन के साथ आता था। बदमाशों को इस बात की भनक लगी तो हफ्ते भर पूर्व उसकी
रेकी हुई।
अपराध की दुनिया में कदम रख रहा था अमन
क्राइम ब्रांच के अनुसार जौनपुर केराकत थाना अंतर्गत मीरपुर का रहने वाला अमन यादव की संगत भी आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों संग हो गई थी। लूट और फायरिंग मामले में उस पर जौनपुर के विभिन्न थानों में मुकदमे भी दर्ज हैं। अपराध में उभर रहा था कि बदमाशों की गोलियों का शिकार हो गया। बदमाश जौनपुर के देवकली निवासी कृपाशंकर यादव को मारने की नियत से आए थे। कृपाशंकर के दाहिने बांह को छूते हुए गोली निकल गई। कृपा जानता था कि बदमाश उसके पीछे लगे हुए हैं, इसलिए वह हमेशा अपने साथ पिस्टल रखता है। फायरिंग के दौरान भी उसके कमर में बंधे बेल्ट के अंदर पिस्टल थी लेकिन उसे निकालने का मौका नहीं मिला। पुलिस ने बीएचयू ट्रॉमा सेंटर से उसके बेल्ट से पिस्टल बरामद की थी।
पंचायत चुनाव के समय से ही एक ही गैंग में फूट पड़ने से कृपा और केराकत थाने के हिस्ट्रीशीटर के बीच अदावत चली आ रही है। कृपा ने पूछताछ में कई अहम जानकारियां पुलिस को दी है। पुलिस की तीन टीमें बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए लगाई गई हैं।-
सूर्यकांत त्रिपाठी, एसपी ग्रामीण