काशी विश्वनाथ: एक महीने में रुद्राभिषेक के लिए सिर्फ 9 टिकट ही मिलेंगे, आज-कल सुगम दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग बंद
Kashi Vishwanath: काशी विश्वनाथ मंदिर में मार्च महीने में बाबा के रुद्राभिषेक के 3000 टिकटों की एडवांस बुकिंग चल रही है। सुगम दर्शन के एक महीने में करीब 2000 टिकट खाली हैं। त्योहार पर बाबा के भक्तों की संख्या काफी बढ़ गई है।
विस्तार
Varanasi News: श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में बुधवार और बृहस्पतिवार को सुगम दर्शन की ऑनलाइन बुकिंग नहीं हो सकेगी। मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर बताया गया कि भारी भीड़ के चलते ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा निलंबित कर दी गई है। दूसरी ओर श्रीकाशी विश्वनाथ में सुगम दर्शन से ज्यादा रुद्राभिषेक के टिकट की मांग है।
अगले एक महीने में सिर्फ नौ परिवारों के लिए ही रुद्राभिषेक के ऑनलाइन टिकट मिल सकते हैं। एक स्लॉट ही बचा है। मार्च में रुद्राभिषेक के 3000 टिकटों की एडवांस बुकिंग है। रोजाना 300 से ज्यादा टिकट बुक कराए जाते हैं। सुगम दर्शन के लिए अगले एक महीने में 2000 से ज्यादा टिकट उपलब्ध हैं। ऑफलाइन टिकट न मिलने के चलते श्रद्धालु काउंटर पर आकर एक और पांच शास्त्री से रुद्राभिषेक का टिकट बुक करा रहे हैं।
एक शास्त्री से रुद्राभिषेक कराने के लिए 450 और पांच शास्त्री से 1380 रुपये देने पड़ते हैं। रुद्राभिषेक का समय सुबह 4 बजे से शाम 6 बजे तक है। हर टिकट में रुद्राभिषेक के साथ दर्शन होते हैं। इसके लिए दो घंटे का समय दिया जाता है।
रुद्राभिषेक के टिकट शुल्क में ही शास्त्री या ब्राह्मण की दक्षिणा और पूजा की थाली मिलती है। श्रद्धालु अपनी जरूरत के अनुसार दूध खरीद सकते हैं। मंदिर परिसर में ही इसकी व्यवस्था है। 5 लीटर तक दूध खरीदकर अर्पित किया जा सकता है।
काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर के स्वरूप में दिखेगा मणिकर्णिका
काशी के महाश्मशान मणिकर्णिका को नए कलेवर में लाने की तैयारी चल रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर काम तेज हो गया है। कार्यदायी एजेंसी के एक अधिकारी ने बताया कि मणिकर्णिका का नया स्वरूप श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर के स्वरूप में दिखेगा।
मणिकर्णिका घाट पर 32 शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफॉर्म बनाए जा रहे हैं। भू-तल का कुल क्षेत्रफल 29.350 वर्ग फीट और प्रथम तल कुल क्षेत्रफल 20, 200 वर्ग फीट है। दाह संस्कार का क्षेत्रफल 12,250 वर्गफीट है। दूसरी तरफ हरिश्चंद्र घाट पर 7 शवों के अंतिम संस्कार के लिए प्लेटफॉर्म बनेगा। यहां 13,250 वर्ग फीट क्षेत्र में निर्माण होगा। सड़क मार्ग से 1.8 मीटर ऊपर शवदाह स्थल बनाए जा रहे हैं। मणिकर्णिका घाट के निर्माण पर 20 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
रूपा फाउंडेशन के सीएसआर से काम हो रहा है। अत्याधुनिक चिमनी होगी। खुले में शव जलते हुए नहीं दिखेंगे। रत्नेश्वर महादेव समेत तीन मंदिरों का कायाकल्प भी किया जाएगा। दोनों जगहों पर दाह संस्कार के अलावा घाट पर ही पंजीकरण कक्ष, सामुदायिक वेटिंग एरिया, हाॅल, सामुदायिक शौचालय, रैंप, स्टोर रूम, कोर्ट यार्ड, सर्विस एरिया, अपशिष्ट संग्रह की व्यवस्था, सड़़क आदि निर्माण होंगे। यहां पाइलिंग समेत अन्य कार्य के लिए लाई गई मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
