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आस्था: 108 डमरुओं की निनाद, देवों के स्वरूपों संग निकले बाबा मशाननाथ; होती रही जयघोष की गूंज
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 24 Mar 2026 03:33 PM IST
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सार
Varanasi News: वाराणसी में बाबा मशाननाथ के वार्षिक महोत्सव पर शोभायात्रा दारानगर स्थित ज्वाला माता मंदिर से मणिकर्णिका घाट तक निकाली गई। शाम को बाबा मशाननाथ पालकी पर विराजमान होकर निकले।
बाबा मशाननाथ के वार्षिक महोत्सव पर निकाली गई शोभायात्रा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चैत्र नवरात्र की पंचमी तिथि की संध्या बेला में धुएं, दीप और मंत्रों के अनुगूंज के बीच अघोर स्वरूप में बाबा मशाननाथ की पालकी जैसे उठी, पूरा दृश्य मानो किसी जीवंत रंगमंच में बदल गया। आगे 108 डमरुओं की निनाद और पांच तरह के बैंडबाजे पर भक्तिमय धुन और बाबा के जयघोष की गूंज होती रही। आस्थावानों की भीड़ उमडी थी।
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बाबा मशाननाथ के वार्षिक महोत्सव पर शोभायात्रा दारानगर स्थित ज्वाला माता मंदिर से मणिकर्णिका घाट तक निकाली गई। शाम को बाबा मशाननाथ पालकी पर विराजमान होकर निकले। नाचते गाते भक्त, घोड़े पर सवार श्रीराम दरबार के स्वरूप और ऊंट-बग्घी पर विराजमान अघोरी संत बाबा की अगुवाई करते चल रहे थे।
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कोलकाता से आए कारीगरों ने बाबा की पालकी सजाई। जैसे-जैसे शोभायात्रा मणिकर्णिका घाट की ओर बढ़ती गई वैसे-वैसे आस्था परवान चढ़ती गई। सड़क और गलियों में श्रद्धालु आरती की थाल लिए खड़े थे।
उन्होंने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और आरती उतारी। लोधेश्वर महादेव मंदिर के पास बाबा मशाननाथ की महाआरती हुई। घंटों, शंखों और मंत्रों की गूंज होती रही। मणिकर्णिका स्थित बाबा मशाननाथ मंदिर पहुंचकर पूजन किया। गुरु दत्तात्रेय को समर्पित भंडारे में सौकड़ों भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। शोभायात्रा में पुनीत पागल बाबा, ओमनाथ शर्मा उर्फ मोनू बाबा, कमलेश पांडेय, अनिकेत पांडेय आदि शामिल रहे।
महाश्मसाननाथ का हुआ शृंगार व रुद्राभिषेक, सप्तमी पर गणिकाओं का नृत्यांजलि
चैत्र नवरात्र के पंचमी से सप्तमी तक होने वाले बाबा महाश्मशाननाथ के तीन दिवसीय शृंगार महोत्सव का सोमवार को शृंगार कर रुद्राभिषेक से शुरू हुआ। भक्तों ने दर्शन-पूजन किया। बाबा महाश्मशानाथ मंदिर समिति की ओर से शाम को बाबा का वैदिक विधि से बाबा का शृंगार हुआ। आचार्य बचाऊ महराज के आचार्यत्व में नौ वैदिक विद्वानों ने शास्त्रोक्त विधि से पूजन कर बाबा की शृंगार कर आरती की। बाबा को फल, मिष्ठान, खीर आदि का भोग लगा। विशेष विजया की बर्फी चढ़ाया गया।
बाबा का नरमुंड खप्पर मंदिरा से भरा गया। कल्याण की कामना से 11 बार सुंदरकांड का पाठ हुआ। भक्तों ने भजन कीर्तन किया। समिति के उपाध्यक्ष संजय गुप्ता एवं महामंत्री बिहारी लाल गुप्ता यजमान रहे। मंदिर व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि सप्तमी पर पूजन होगा और देशभर की गणिकाएं बाबा को नृत्यांजलि पेश करेंगी। पूजन में समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता, पुजारी बब्लू बाबा, संजय प्रसाद गुप्ता, विजय शंकर पांडेय, दीपक तिवारी, मनोज शर्मा, गजानन पांडेय, विजय गुप्ता, सदन तिवारी आदि रहे।
बाबा का नरमुंड खप्पर मंदिरा से भरा गया। कल्याण की कामना से 11 बार सुंदरकांड का पाठ हुआ। भक्तों ने भजन कीर्तन किया। समिति के उपाध्यक्ष संजय गुप्ता एवं महामंत्री बिहारी लाल गुप्ता यजमान रहे। मंदिर व्यवस्थापक गुलशन कपूर ने बताया कि सप्तमी पर पूजन होगा और देशभर की गणिकाएं बाबा को नृत्यांजलि पेश करेंगी। पूजन में समिति के अध्यक्ष चैनू प्रसाद गुप्ता, पुजारी बब्लू बाबा, संजय प्रसाद गुप्ता, विजय शंकर पांडेय, दीपक तिवारी, मनोज शर्मा, गजानन पांडेय, विजय गुप्ता, सदन तिवारी आदि रहे।