UP: काशी में विदेशी पर्यटकों को मधुमक्खियों ने दौड़ाया, कई घायल; दुकानों-खंडहर में घुसकर बचाई जान
UP News: वाराणसी के सारनाथ में विदेशी पर्यटकों को दाैड़ता देख सभी अचंभित रह गए। हर कोई उन्हें बचाने के लिए आगे आ गया। कुछ लोग दुकानों में घुसे तो कुछ खंडहरों में। जो लोग घायल हुए उनका प्राथमिक उपचार भी कराया गया।
विस्तार
Varanasi News: भगवान बुद्ध के धर्मोपदेस्थली पर बृहस्पतिवार को आए पर्यटकों और सैलानियों को उस समय असुविधा का सामना करना पड़ा जब, जैन मंदिर परिसर में पीपल के पेड़ से मधुमक्खियों का झुंड लोगों को काटने लगा।
मधुमक्खियों के डंक से बचने के लिए पर्यटक इधर-उधर भागने लगे, जिससे लगभग चार घंटे तक सारनाथ के मूलगंध कुटी बिहार मंदिर, जैन मंदिर, पुरातत्विक खंडहर परिसर म्यूजियम तक पर्यटकों में अफरातफरी मची रही।
मधुमक्खियों के डंक से बचने के लिए जो कुछ मिल रहा था लोग उसी से अपने आप को ढक कर भाग रहे थे। कुछ लोगों को टिकट घर में बन करना पड़ा तो कुछ पुरातत्विक परिसर में स्थित व्याख्यान कक्ष में शरण लिए। कुछ तो स्थानीय दुकानदारों के पास भाग कर खुद को महफूज किए।
मची अफरातफरी
श्रीलंका के आए लगभग 45 पर्यटकों के दल में कई पर्यटक मधुमक्खियों का शिकार हो गए, जिन्हें स्थानीय दुकानदार राजू ने पास के एक क्लीनिक पर ले जाकर प्रथमिक उपचार करवाया। भ्रमण के दौरान रूस से आए एक ग्रूप पर धमेख स्तूप के पास अचानक से मधुमखियों के झुंड ने हमला कर दिया। हमले में स्वेतलाना, झान्या, व्लादिमीर एवं तान्या को मधुमखियों ने काट लिया।
रूसी भाषा के गाइड जैनेंद्र राय ने तुरंत सभी पर्यटकों को खंडहर परिसर से दौड़ा कर बाहर निकाला। स्थानीय दुकानदार राजेश कुमार के सहयोग से तिरपाल से ढक कर गाड़ी तक सुरक्षित पहुंचने में मदद की। लगभग 20 से अधिक पर्यटक व स्थानीय लोग मधुमक्खियों के हमले से जख्मी हो गए।
स्थानीय लोग मधुमक्खियों से लोगों को बचाने के लिए तिरपाल प्लास्टिक से ढक रहे थे तो कुछ लोग पत्तियों को इकट्ठा कर धुंआ कर मधुमक्खियों को भागने के जुगत में लगे थे। अपराह्न एक बजे से शाम चार बजे तक पर्यटक मधुमक्खियों के डर से भागते फिरते रहे।
