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Varanasi: अतिक्रमण की भेंट चढ़ा बेनीपुर पोखरा, पांच बीघे से सिमटकर सिर्फ रह गया पांच बिस्वा
Wed, 05 Aug 2026 04:19 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 05 Aug 2026 04:19 PM IST
सार
बेनीपुर पोखरा अतिक्रमण की भेंट चढ़ गया है। जिसके चलते पांच बीघे से सिमटकर पांच बिस्वा में ये पोखरा रह गया है। वहीं जर्जर सड़क और जाम से स्थानीय लोग परेशान। लोगों ने पोखरे के संरक्षण की मांग उठाई।
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बेनीपुर पोखरे के पास दुकानदारों ने किया अतिक्रमण
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कभी पांच बीघे क्षेत्रफल में फैला बेनीपुर पोखरा आज अतिक्रमण और प्रशासनिक अनदेखी के कारण महज पांच बिस्वा में सिमटकर रह गया है। चारों ओर अवैध कब्जों और निर्माण ने इस ऐतिहासिक जलाशय के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वर्षों से शिकायतों के बावजूद न तो प्रशासन ने ध्यान दिया और न ही जनप्रतिनिधियों ने इसके संरक्षण की दिशा में कोई ठोस पहल की। पोखरे के चारों ओर अवैध निर्माण, कब्जे और जमीन की बिक्री ने इसकी पहचान को लगभग समाप्त कर दिया है।
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स्थानीय निवासी राजेंद्र कुमार ने बताया कि शहर के कई तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है, लेकिन बेनीपुर पोखरा वर्षों से उपेक्षा का शिकार बना हुआ है। पोखरे के आसपास की सड़क भी बदहाल स्थिति में है। सुमित ने बताया कि पहड़िया-बेला मुख्य मार्ग पर बरसात के दौरान जलभराव और गड्ढों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बनती है।
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यह मार्ग बेला क्षेत्र के करीब 20 गांवों और कॉलोनियों को शहर से जोड़ने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से बेनीपुर पोखरे का सीमांकन कराकर अतिक्रमण हटाने, जलाशय का संरक्षण कराने और आसपास की सड़क और जलनिकासी व्यवस्था में सुधार की मांग की है, ताकि इस ऐतिहासिक जलधरोहर को बचाया जा सके।
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स्थानीय लोगों की बात
- पहड़िया-बेला मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति से हजारों लोगों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। करीब पांच वर्ष पहले सड़क के गड्ढे भरे गए थे, लेकिन उसके बाद कोई मरम्मत नहीं हुई। -गिरीश सिंह मौर्य
- पोखरे पर अवैध कब्जे लगातार बढ़ रहे हैं। बारिश में गड्ढों में जलभराव होने से जाम की समस्या और गंभीर हो जाती है। नई कॉलोनियां तो बस गईं, लेकिन सड़क का चौड़ीकरण नहीं हुआ। -राम खिलावन
- पोखरे के संरक्षण होना चाहिए और इसका रखरखाव भी होना चाहिए। क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या जाम और अव्यवस्थाएं भी है। -बीटुन देवी
- कभी पांच बीघे में फैला बेनीपुर पोखरा आज महज पांच बिस्वा में सिमट गया है। मैंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से कई बार शिकायत की लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। -कन्हैया