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अस्पताल में मरीज ने की खुदकुशी: चप्पे-चप्पे पर रहते हैं 100 सुरक्षाकर्मी, लगे हैं कैमरे, फिर भी नहीं लगी भनक

Wed, 05 Aug 2026 10:55 AM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Wed, 05 Aug 2026 10:55 AM IST
सार

Varanasi News: वाराणसी में महामना कैंसर संस्थान में 100 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती और परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद मरीज ने छत से कूदकर खुदकुशी कर ली। हैरान करने वाली बात ये है कि किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। 

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Mahamana Cancer Institute Patient commits suicide despite presence of 100 security personnel and CCTV cameras
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी में महामना कैंसर संस्थान में मेन गेट से अंदर ओपीडी, इमरजेंसी सहित जांच केंद्र, वार्ड में चप्पे-चप्पे पर 100 सुरक्षा कर्मी तैनात रहते हैं। परिसर में सीसी टीवी कैमरे लगे हैं। फिर भी वार्ड से निकलकर रामेश्वर कुमार ने छत से कूद कर जान दे दी और किसी को भनक नहीं लग सकी। अधिकांश जगहों पर पूर्व सैनिकों की डयूटी लगाई जाती है। मरीज, तीमारदार हो या सामान्य लोग अगर कोई अंदर जाता है तो सुरक्षाकर्मी तुरंत रोक देते हैं। गेट से लेकर ओपीडी, जांच केंद्र तक तीन जगहों पर चेकिंग के बाद ही मरीज अंदर जा पाते हैं। निगरानी के लिए कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके बाद भी कैंसर पीडि़त वार्ड से निकलकर चौथी मंजिल पर पहुंच गया। 

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भोर से लगती है लाइन, सप्ताह भर में मिलती है जांच रिपोर्ट
महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर संस्थान में रोज यूपी, बिहार, झारखंड से 4 हजार मरीज इलाज के लिए आते हैं। वाराणसी में इस अस्पताल के खोलने के पीछे यही मंशा थी कि कि मरीजों को टाटा कैंसर संस्थान मुंबई तक भागदौड़ न करनी पड़े। दूरदराज के मरीज एक दिन पहले ही आ जाते हैं। ताकि डॉक्टर को पहले दिखा सके। इसके लिए महामना कैंसर संस्थान के मेन गेट के बाहर भोर से ही मरीजों की लाइन लगनी शुरू होती है। कुछ लोग बैग तो कोई अपना रूमाल लाइन में रख देता है। अंदर जाने के बाद डॉक्टर ने अगर जांच लिखी तो सामान्य खून की जांच की रिपोर्ट तो 24 घंटे के भीतर मिल जाती है, लेकिन सर्जरी से पहले की बहुत सी जांच की रिपोर्ट के लिए सप्ताह भर का इंतजार करना पड़ता है। इसमें बायोप्सी, पेट स्कैन सहित कई जांच की रिपोर्ट शामिल हैं। 

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Mahamana Cancer Institute Patient commits suicide despite presence of 100 security personnel and CCTV cameras
महामना कैंसर संस्थान में इंतजार करते मरीज - फोटो : अमर उजाला

रामेश्वर के इस कदम से परिजन भी हैरान, कारण का पता नहीं 
घटना से परिजन भी हैरान हैं। उन्हें भी कारणों का पता नहीं चल पा रहा है। छोटे भाई कमलेश ने बताया कि रामेश्वर के दो बेटे और एक बेटी है। बीमारी को लेकर भैया चिंतित थे लेकिन ऑपरेशन होने के बाद सामान्य हो गए थे। कमलेश ने बताया कि भइया को नींद आने के बाद नीचे आकर बैठ गया था। कहीं घर में भी किसी को उन्होंने कुछ नहीं बताया।

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अस्पताल में किसी ने पूछा नहीं, बस मांगते रहे आधार कार्ड नंबर
शिवपुर पोस्टमार्टम हाउस पर कमलेश ने बताया कि घटना की जानकारी होने के बाद भी अस्पताल प्रशासन से किसी ने कुछ नहीं पूछा। यह भी नहीं बताया कि आखिर वार्ड के बेड से उठकर खिड़की तक जाकर कूदते समय यहां सुरक्षाकर्मी क्यों नहीं था। घटना के बाद बस लोग हमसे मेरा नाम, घर का पता और आधार कार्ड नंबर ही मांगते रहे। वार्ड में मुस्तैदी से डयूटी करने की जगह सुरक्षाकर्मी सो रहा था।

Mahamana Cancer Institute Patient commits suicide despite presence of 100 security personnel and CCTV cameras
महामना मदन मोहन कैंसर संस्थान - फोटो : अमर उजाला

अस्पताल प्रशासन नहीं बता सका मरीज का नाम, इलाज की जानकारी
कैंसर संस्थान में जान देने वाले मरीज का नाम, इलाज का विवरण अस्पताल प्रशासन नहीं दे सका। पहले तो बहुत देर तक घटना के बारे में ही जानकारी देने से अस्पताल प्रशासन बचता रहा। मंगलवार सुबह 11 बजे एक बयान जारी किया गया। बताया गया कि सोमवार देर रात 35 साल के पुरुष मरीज की आत्महत्या की घटना सामने आई है। मरीज की पैनक्रियाटिक कैंसर की सर्जरी हुई थी। उपचार के बाद उसकी स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक थी। अस्पताल प्रशासन ने घटना को दुखद बताते हुए शोक भी जताया है। चौकाने वाली बात यह है कि जब मरीज 15 दिन से भर्ती था। छत से कूदकर जान दे दी, फिर भी अस्पताल प्रशासन को मरीज का नाम, पता नहीं पता है।

अधिकारी बोले
अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर चितईपुर थाना प्रभारी राकेश गौतम घटनास्थल पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने भी छानबीन की। रामेश्वर कुमार के शव को चितईपुर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया। किसी तरह की तहरीर थाने पर नहीं दी गई। -गौरव कुमार, एसीपी भेलूपुर

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