सावन में शिवमय होगी काशी: 55 चौराहों पर सुबह एक घंटे गूंजेगा शिवस्तोत्र, मेयर ने बाढ़ से निपटने के दिए निर्देश
Varanasi News: वाराणसी में सावन भर 55 चौराहों पर सुबह एक घंटे शिवस्त्रोत गूंजेगा। नगर निगम की बैठक में सावन की तैयारियों व बाढ़ से निपटने के लिए कई निर्णय लिए गए।
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सावन में काशी का कोना-कोना अब और भी अधिक शिवमय, आध्यात्मिक और दिव्य अनुभूति से सराबोर होने जा रहा है। भोर की पहली किरण के साथ ही शहर में शिवस्तोत्र की मधुर स्वर लहरियां गूंजेंगी। मंगलवार को मेयर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में स्मार्ट सिटी सभागार में हुई कार्यकारिणी की बैठक में यह निर्णय लिया गया। तय हुआ कि बुधवार से शहर के 55 प्रमुख चौराहों पर लगे पब्लिक एड्रेस सिस्टम के जरिये सुबह 5:30 से 6:30 बजे तक शिवस्तोत्र गूंजेगा।
बैठक में सावन और आगामी बाढ़ की आशंका को देखते हुए कार्यकारिणी ने नगर प्रशासन को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए। उपसभापति नरसिंह दास के प्रस्ताव पर समिति ने कहा कि सावन के दौरान हर शिवालय और मंदिर परिसर के आसपास की व्यवस्था प्लास्टिक मुक्त रखी जाए।
कांवड़ियों के सुगम आवागमन, विश्राम स्थलों के निर्माण और सार्वजनिक शौचालयों की 24 घंटे निशुल्क व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। शहर में गंगा व वरुणा नदी के बढ़ते जलस्तर के मद्देनजर बाढ़ राहत शिविरों में शुद्ध पेयजल, बेड, भोजन व साफ-सफाई की व्यवस्था करने को कहा गया।
संपत्ति कर निर्धारण प्रणाली में संशोधन को स्वीकृति
उप्र नगर निगम (संपत्ति कर) पंचम संशोधन नियमावली के तहत नई कर प्रणाली पर भी सहमति बनी। अब सूक्ष्म एवं लघु औद्योगिक इकाइयों को छात्रावास और शैक्षणिक संस्थानों के समान संपत्ति कर देना होगा। वहीं, औद्योगिक इकाइयां, स्टार होटल, रिसॉर्ट्स, पंजीकृत पर्यटन इकाइयां और सरकारी व सार्वजनिक उपक्रमों के कार्यालयों के लिए संपत्ति कर की दर नियत दर से तीन गुना तय की गई है। मध्यम व वृहद उद्योगों के लिए भी इसे पहले के पांच गुना से घटाकर तीन गुना कर दिया गया है।