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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   BHU tree-felling case NGT directed that process of recovering compensation be completed within three months

बीएचयू पेड़ कटान केस: एनजीटी का 2.65 करोड़ क्षतिपूर्ति वसूली की कार्रवाई तीन महीने में पूरी करने का निर्देश

Thu, 09 Jul 2026 05:19 PM IST
Pragati Chand अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 09 Jul 2026 05:19 PM IST
सार

बीएचयू में अवैध पेड़ कटाई के मामले में एनजीटी ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 2.65 करोड़ क्षतिपूर्ति वसूली की कार्रवाई तीन महीने में पूरी करने का निर्देश दिया। 
 

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BHU tree-felling case NGT directed that process of recovering compensation be completed within three months
BHU - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में अवैध रूप से पेड़ काटे जाने के मामले में बड़ा आदेश दिया है। अधिकरण ने उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB) को निर्देश दिया है कि विश्वविद्यालय पर प्रस्तावित 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाने की पूरी प्रक्रिया अगले तीन महीने के भीतर पूरी की जाए।

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यह आदेश सात जुलाई को एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद की पीठ ने पारित किया। इससे पहले अगस्त 2025 में एनजीटी ने मामले का निस्तारण करते हुए यूपीपीसीबी को तीन महीने के भीतर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति का आकलन कर कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। हालांकि निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी, जिसके बाद याचिकाकर्ता अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने अनुपालन याचिका दायर की।
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सुनवाई के दौरान यूपीपीसीबी ने अधिकरण को बताया कि 33 पेड़ों की अवैध कटाई के मामले में 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तय की जा चुकी है और इसे लागू करने की प्रक्रिया जारी है। इस पर NGT ने बोर्ड को अंतिम कार्रवाई तीन महीने के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया।

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33 पेड़ों की अवैध कटाई हुई थी
एनजीटी की ओर से गठित संयुक्त समिति की जांच में बीएचयू परिसर में 33 पेड़ों की अवैध कटाई की पुष्टि हुई थी। इनमें सात चंदन के पेड़ और 26 अन्य प्रजातियों के पेड़ शामिल थे। इसके आधार पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तय की गई।

978 पौधे लगाए, 859 सुरक्षित मिले
मामले में प्रभागीय वनाधिकारी (DFO) की रिपोर्ट भी एनजीटी के समक्ष पेश की गई। रिपोर्ट के अनुसार बीएचयू ने वर्ष 2025 में क्षतिपूरक वृक्षारोपण के तहत 978 पौधे लगाए, जिनमें से 859 पौधे सुरक्षित पाए गए।

क्या है मामला?

  • बीएचयू परिसर में 33 पेड़ों की अवैध कटाई का आरोप।
  • एनजीटी की संयुक्त समिति ने जांच में आरोप सही पाया।
  • यूपीपीसीबी ने 2.65 करोड़ रुपये से अधिक की पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति तय की।
  • अब एनजीटी ने तीन महीने में वसूली संबंधी कार्रवाई पूरी करने का निर्देश दिया।
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