Varanasi News: वाराणसी में चीनी मांझे ने 10 राहगीरों को किया लहूलुहान, मफलर-जैकेट ने बचाई जान
Varanasi News: चीनी मांझा मौत की डोर बन गया है। आए दिन इसकी चपेट में आने से लोग चोटिल हो रहे हैं। कई बार चीनी मांझे से मौत भी हो रही है। इधर, वाराणसी में चीनी मांझे ने 10 राहगीरों को लहूलुहान किया। गनीमत रही कि मफलर-जैकेट ने इनकी जान बचा ली।
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आसमान में उड़ती पतंग की डोर में लगे चीन के मांझे ने बुधवार को 10 लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। चीन के जानलेवा मांझे से किसी की गर्दन, किसी की नाक और किसी का हाथ या बांह कट गया। जैकेट और गले में लपेटे मफलर ने अधिकतर लोगों की जान बचा ली। बीएचयू ट्रॉमा सेंटर में सुबह से देर शाम तक छह घायलों को भर्ती कराया गया।
इसके अलावा मंडलीय, जिला और राजकीय अस्पतालों तथा निजी अस्पतालों में भी चीनी मांझे से घायल लोगों का उपचार किया गया। फ्लाईओवर और दोपहिया वाहन सवार लोग सबसे अधिक प्रभावित हुए।
मंडुवाडीह थाना क्षेत्र के बरेका रोड, ककरमत्ता में बाइक सवार ऋषभ वर्मा (27) का गला चीन के मांझे से कट गया। उन्हें तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां गले में सात टांके लगाए गए। दुर्गाकुंड में उपकेंद्र नगर पार्क के सामने स्कूटी सवार कृति गिरी के बायें गाल पर मांझे से कट लगा। हेलमेट पहनने की वजह से उसका गला और नाक बच गया।
सामनेघाट पुल पर बाइक सवार जितेंद्र मौर्य की दोनों पलकों और नाक पर गहरा कट आया। चुरामनपुर निवासी जितेंद्र को रामनगर राजकीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार स्थिति फिलहाल स्थिर है।वहीं, रामनगर-पड़ाव क्षेत्र में सैफ (22), अमृता (26) और अमन गुप्ता (28) को भी रामनगर राजकीय अस्पताल में उपचार दिया गया। लालपुर-पांडेयपुर थाना क्षेत्र में बाइक सवार राजेंद्र (52) का गर्दन पर गहरा कट लग गया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बरेका परिसर में टेलीफोन एक्सचेंज में कार्यरत टेक्नीशियन संतोष त्रिपाठी का गर्दन और ढूढ़ी कट गई। उन्हें तुरंत बरेका केंद्रीय अस्पताल में उपचार कराया गया।
डीसीपी गोमती की अपील... गले में लपेटें मफलर
डीसीपी गोमती जोन आकाश पटेल ने शहरवासियों से अपील की है कि कुछ दिनों तक दोपहिया वाहन से यात्रा करते समय अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए अनिवार्य रूप से मानक हेलमेट का प्रयोग करें। साथ ही चीन के मांझे से होने वाली आकस्मिक दुर्घटनाओं से बचाव के लिए गले की सुरक्षा के लिए मफलर, स्कार्फ अथवा अन्य सुरक्षात्मक वस्त्र अवश्य पहनें।
