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Varanasi News: बीएचयू में महिला जूनियर डॉक्टर की हालत में सुधार नहीं, शरीर के कई अंग नहीं कर रहे काम
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 17 Mar 2026 05:04 PM IST
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सार
Varanasi News: आईएमएस बीएचयू में पहले साल के जूनियर डॉक्टरों ने नाराज होकर कामकाज नहीं किया। चेतावनी दी है कि अगर महिला जूनियर डॉक्टर के मामले में न्याय नहीं मिला तो जल्द ही बड़ा फैसला ले सकते हैं।
BHU Hospital
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीएचयू अस्पताल में इंसुलिन की ओवरडोज लेने वाली सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर की हालत में कोई सुधार नहीं दिख रहा है। उसके शरीर के कई अंग काम नहीं कर रहे हैं। उसकी हालत जिस तरह की बनी है, उसे लेकर जूनियर डॉक्टरों सहित आईएमएस प्रशासन भी चिंतित है। सोमवार को आईएमएस बीएचयू में पहले साल के जूनियर डॉक्टरों ने नाराज होकर कामकाज नहीं किया। चेतावनी दी है कि अगर महिला जूनियर डॉक्टर के मामले में न्याय नहीं मिला तो जल्द ही बड़ा फैसला ले सकते हैं।
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सर्जरी विभाग की जूनियर डॉक्टर ने शुक्रवार को नाराज होकर इंसुलिन की ओवरडोज ले ली थी। उसी दिन से उसका इलाज सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक के आईसीयू में चल रहा है। इस बीच रविवार शाम को आईएमएस निदेशक कार्यालय पहुंचकर जूनियर डॉक्टरों ने नाराजगी जताते हुए सर्जरी विभाग सहित अन्य विभागों में काम का अधिक दबाव बताया था। सोमवार को पहले साल वाले जूनियर डॉक्टर (जेआर-1) ने अपने को कामकाज से अलग रखा।
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सर्जरी विभाग सहित अन्य विभागों में जेआर 1 ने न तो ओपीडी में सेवा दी और न ही वार्ड में मरीजों को देखा। शाम को भी आईएमएस निदेशक कार्यालय पहुंचकर इस पर आगे की रणनीति पर चर्चा की। उनका कहना है कि आईएमएस प्रशासन ने जांच कमेटी जो गठित की है, उसमें जूनियर डॉक्टरों का प्रतिनिधि भी होना चाहिए। महिला डॉक्टर ने अपनी समस्या पहले ही विभाग के लोगों को बता दी थी, इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई। इस वजह से उसे कठोर कदम उठाना पड़ा।
क्या बोले अधिकारी
जूनियर डॉक्टरों के काम के दबाव वाले मुद्दे पर विभागाध्यक्षों से बातचीत की गई है। इसमें जूनियर डॉक्टरों को नियमानुसार समयावधि तक काम करने, आराम का समय देने, समय-समय पर मार्गदर्शन करने पर विभागाध्यक्षों के साथ ही विभाग के अन्य कंसल्टेंट को ध्यान देने को कहा गया है। इसकी जानकारी जूनियर डॉक्टरों को भी दी गई है। इसके अलावा मंगलवार से कामकाज पर वापस लौटने की अपील की गई है। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस
जूनियर डॉक्टरों के काम के दबाव वाले मुद्दे पर विभागाध्यक्षों से बातचीत की गई है। इसमें जूनियर डॉक्टरों को नियमानुसार समयावधि तक काम करने, आराम का समय देने, समय-समय पर मार्गदर्शन करने पर विभागाध्यक्षों के साथ ही विभाग के अन्य कंसल्टेंट को ध्यान देने को कहा गया है। इसकी जानकारी जूनियर डॉक्टरों को भी दी गई है। इसके अलावा मंगलवार से कामकाज पर वापस लौटने की अपील की गई है। -प्रो. एसएन संखवार, निदेशक, आईएमएस