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कफ सिरप कांड: धान के कटोरे में सपा नेता अमित ने बिछाया बोगस फर्मों का जाल, टॉप पर पूर्णा फर्म

ललित शंकर पांडेय, अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी। Published by: प्रगति चंद Updated Tue, 17 Feb 2026 11:08 AM IST
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सार

Varanasi News: सपा नेता अमित यादव की गिरफ्तारी के बाद कफ सिरप की तस्करी के नेटवर्ट की जानकारी सामने आ रही है। अमित यादव ने धान के कटोरा यानी चंदौली में बोगस फर्मों का जाल बिछाया। अमित ने शुभम जायसवाल के गुरु के कहने पर ये काम किया था। 

Cough syrup case SP leader Amit Yadav spread network of bogus firms in chandauli support by Shubham jaiswal
सपा नेता अमित यादव - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

कोडीन युक्त कफ सिरप के मामले में सपा नेता अमित यादव की गिरफ्तारी के बाद एसटीएफ की तफ्तीश में सामने आया कि राधिका और राजेंद्र इंटरप्राइजेज के प्रोपराइटर प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू और शुभम जायसवाल के इशारे पर अमित यादव ने बोगस फर्मों का जाल बिछाया। अमित यादव ने डमी पूर्णा फर्म से कप सिरप की खरीद फरोख्त शुरू की। 

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चार फर्मों को किया गया है चिह्नित
धान के कटोरे के रूप में विख्यात चंदौली में सबसे अधिक बोगस फर्मे पंजीकृत हुईं। कागजों में फर्मों पर सिरप की खरीद बिक्री दिखाई गई। बोगस चार फर्मों को चिह्नित किया गया है। अन्य फर्मों की भी पहचान कराई जा रही है। शुभम जायसवाल के गुरु प्रशांत उपाध्याय उर्फ लड्डू के कहने पर अमित ने अपने परिवार के एक सदस्य के नाम पर भी डमी फर्म पंजीकृत कराई। 
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एसटीएफ लखनऊ अधिकारियों के अनुसार कोडीन कफ सिरप की तस्करी का सबसे बड़ा सूत्रधार मंडुवाडीह थाना क्षेत्र का मड़ौली निवासी प्रशांत उपाध्याय लड्डू है। उसे शुभम जायसवाल का गुरु भी कहा जाता है। राधिका इंटरप्राइजेज और राजेंद्र इंटरप्राइजेज का कर्ताधर्ता प्रशांत उपाध्याय लड्डू भी वांछित है। 

प्रशांत ने शुभम जायसवाल दो दिया ये आइडिया

शुभम को कफ सिरप की बारीकियां बताने और बोगस फर्मों का आइडिया देने वाला प्रशांत ही है। शुभम ने सपा नेता अमित की मुलाकात प्रशांत से कराई। प्रशांत ने सबसे पहले अमित यादव को दवा फर्म पंजीकृत करवाया। इसके बाद अमित ने वाराणसी और चंदौली में बोगस फर्मों का जाल बिछाया। अमित ने जीएल सर्जिकल के अलावा डमी फर्म पूर्णा फार्मा पंजीकृत कराया। 

2024 में पूर्णा फार्मा पर सिर्फ कागजों में कफ सिरप की खरीद बिक्री दिखाई गई। अमित यादव ने अपने प्रभाव और युवाओं की टीम के बदौलत वाराणसी, चंदौली में बोगस फर्म खुलवाए। साथ रहने वाले लड़कों के नाम से भी फर्म पंजीकृत कराया। 50 हजार से एक लाख रुपये महीने तक लड़कों को देता रहा। 

अमित के जेल जाने के बाद करीबी भूमिगत

एसटीएफ के अनुसार अमित के साथ जुड़कर कफ सिरप का काम करने वाले 10 युवकों की पहचान की गई है। इसमें चंदौली के भी युवक हैं। ड्रग इंस्पेक्टर जुनाब अली ने प्रशांत उपाध्याय की फर्म राधिका और राजेंद्र इंटरप्राइजेज के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है। एसआईटी की टीम अभी तक प्रशांत उपाध्याय को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। 
सपा नेता अमित यादव के जेल जाने के बाद उसके साथ हर समय रहने वाले करीबी भूमिगत हो गए। इसमें कुछ व्यापारी भी शामिल हैं। सभी ने अपने-अपने नंबर बंद कर लिए और घर भी छोड़ चुके हैं। कुछ युवकों की संलिप्तता कफ सिरप में एसटीएफ को मिली है। चार अन्य युवकों की गिरफ्तारी तय मानी जा रही है।

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