UP: ग्रामीण महिलाओं की आत्मनिर्भरता की मिसाल बना दीदी कैफे, सस्ते में मिल रहा भरपेट भोजन; स्वाद भी
Mirzapur News: अडाणी फाउंडेशन की इस पहल ने न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि समाज में उनकी भूमिका को भी मजबूती दी है, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से अग्रसर हो रही हैं।
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UP News: मड़िहान तहसील के पास अडाणी फाउंडेशन की पहल पर शुरू हुआ “दीदी कैफे” अब सिर्फ भोजनालय नहीं, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आत्मनिर्भर बनने का सशक्त माध्यम बन गया है। इस कैफे की शुरुआत “बेटी बचाओ” स्वयं सहायता समूह के सहयोग से की गई है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को सम्मानजनक रोजगार और स्थायी आय उपलब्ध कराना है।
कैफे के संचालन की पूरी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हाथ में है। इसमें कुल 10 महिलाएं और एक पुरुष शेफ कार्यरत हैं। समूह की अध्यक्ष रिंकू देवी, सचिव बिट्टन और कोषाध्यक्ष जय ललिता प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। इनके साथ सोनी, जोहरा बेगम, नजबुल, सायरुन, हसीना बेगम, सोना बेगम और पार्वती सदस्य के रूप में कैफे की व्यवस्था संभाल रही हैं।
दीदी कैफे में ग्राहकों को स्थानीय स्वाद से भरपूर स्नैक्स, मिठाइयां, लंच और डिनर उपलब्ध कराया जाता है। खास बात यह है कि यहां भोजन की कीमतें आम लोगों की पहुंच में रखी गई हैं, जिससे हर वर्ग के लोग आसानी से यहां आकर भोजन कर सकते हैं।
कैफे की लोकेशन भी इसकी सफलता में अहम भूमिका निभा रही है। यह मड़िहान तहसील कार्यालय के सामने उत्तर प्रदेश राज्य राजमार्ग-5 पर स्थित है, जो मिर्जापुर को रॉबर्ट्सगंज से जोड़ता है। यहां अडानी थर्मल पावर प्लांट और उससे जुड़ी कंपनियों के कर्मचारी, तहसील व कम्युनिटी हेल्थ सेंटर मड़िहान का स्टाफ, छात्र, मजदूर और आम नागरिक भोजन करने पहुंचते हैं।