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डिजिटल भुगतान: दिवाली तक पर शुल्क टलने से राहत, व्यापारियों बोले- एमडीआर को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए

Sat, 24 Oct 2026 05:27 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, बलिया।
अमर उजाला नेटवर्क, बलिया। Published by: Aman Vishwakarma Updated Sat, 24 Oct 2026 05:27 AM IST
सार

दिवाली तक डिजिटल भुगतान पर शुल्क लगाने का फैसला टलने से आजमगढ़ के व्यापारियों को राहत मिली है। व्यापारियों ने कहा कि इससे छोटे दुकानदारों और कारोबारियों को फिलहाल राहत मिलेगी, लेकिन एमडीआर (मर्चेंट डिस्काउंट रेट) को पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के शुल्क से बचना जरूरी है।

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Digital payments Relief charges are deferred until Diwali traders say MDR withdrawn completely in india
डिजिटल भुगतान पर नहीं लगेगा शुल्क। - फोटो : Adobestock

विस्तार

त्योहारों का सीजन शुरू होते ही बाजार में ग्राहकों की खरीदारी बढ़ गई है। इस बीच, यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर प्रस्तावित शुल्क को दिवाली तक टाल दिया गया है। इससे व्यापारियों को कुछ राहत मिली है, लेकिन वह पहले की तरह बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान की मांग कर रहे हैं।

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यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक के लेनदेन पर 15 अक्तूबर से 40 पैसा मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) लगने की चर्चा थी। इससे दुकानदारों को यह आशंका थी कि त्योहारी सीजन में यह शुल्क लागू होने से उनके व्यापार पर असर पड़ सकता है।
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बाजार में किराना, कपड़ा, सराफा और इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल समेत अन्य दुकानों पर बड़ी संख्या में ग्राहक यूपीआई के माध्यम से भुगतान करते हैं। छोटे दुकानदारों के लिए भी डिजिटल भुगतान कारोबार का आहम हिस्सा बन चुका है।

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ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं, जिससे नकदी रखने की जरूरत कम होती है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) ने मर्चेंट डिस्काउंट रेट (एमडीआर) संबंधी इस प्रस्तावित व्यवस्था को दीपावली तक के लिए स्थगित कर दिया है। व्यापारी रमेश जायसवाल, अशोक ने कहा कि इस स्थगन से ज्यादा राहत नहीं मिली है। शुल्क लगाने की बजाय डिजिटल भुगतान की सुविधा पहले की तरह जारी रखी जानी चाहिए।

यूपीआई से दो हजार रुपये से अधिक भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क लगने से उनके कारोबार पर असर पड़ेगा। दिवाली तक टालने से केवल कुछ समय के लिए राहत मिली है, इसलिए प्रस्तावित शुल्क की पूरी तरह वापस लिया जाना चाहिए।

यूपीआई से भुगतान करना ग्राहकों के लिए आसान है। ज्यादातर ग्राहक खरीदारी के बाद मोबाइल से भुगतान करते हैं। इस पर शुल्क लगने से दुकानदारों को अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसलिए टालने की वजाय सरकार को इसको पूरी तरह वापस लेना चाहिए। - प्रवीण दीक्षित, दीक्षित इंफोकॉम

एमडीआर को दीपावली तक टालना समस्या का समाधान नहीं है क्योंकि ग्राहक अब नकदी की वजाय यूपीआई से ही भुगतान करना पसंद कर रहे हैं। सरकार को पहले की तरह बिना बिना शुल्क के डिजिटल भुगतान जारी रखना चाहिए। - सुधीर बरनवाल, टीसू इलेक्ट्रानिक

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