वाराणसी: 108 ढाक की धुन, 100 शंखनाद से मां की प्रतिमा को विसर्जित; 3 किमी की दूरी को तय करने में लगे 4:15 घंटे
वाराणसी में गोल्डेन क्लब की मां दुर्गा की प्रतिमा का 108 ढाक की धुन और 100 शंखनाद के बीच विसर्जन किया गया। तीन किलोमीटर की दूरी तय करने में 4 घंटे 15 मिनट लगे। यात्रा मदनपुरा और गोदौलिया से गुजरी। महिलाओं ने सिंदूर खेला कर मां को खोइंचा भरा और नम आंखों से विदाई दी।
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दुर्गोत्सव के उल्लास खत्म होने के बाद शुक्रवार को काशी का प्रसिद्ध गोल्डन स्पोर्टिंग क्लब की दुर्गा मां प्रतिमा का विसर्जन नम आंखों, माता के जयकारे के साथ हुआ। 108 ढाक और 100 महिलाओं के शंखनाद के साथ शोभायात्रा निकाली गई।
लाल किनारी वाली सफेद साड़ी में सजी महिलाएं धुनची नृत्य करते हुए चल रही थीं। देवनाथपुरा से निकली शोभायात्रा मैदागिन स्थित मंदाकिनी कुंड में विसर्जन हुआ। प्रतिमा स्थल से विसर्जन स्थल के बीच की तीन किमी की दूरी को तय करने में 4:15 घंटे का समय लगा।
देवनाथपुरा पूजा पंडाल में महिलाओं ने मां को मिठाई खिलाकर पानी पिलाई और पान खिलाई। महिलाओं ने सिंदूर खेला की परंपरा निभाई। नम आंखों से माता के आंचल में खोइंचा भरने की रस्म निभाई। बेटी की तरह मां को विदाई देते समय महिलाओं की आंखें नम हो उठीं।
सभी ने दोनों हाथ जोड़कर माता से अगले साल फिर से आने की प्रार्थना की। इसके बाद शाम 6:30 बजे मां की प्रतिमा को पांच फीट की पतली गलियों से होकर सड़क तक लाया गया।वाहन पर सवार कर माता की प्रतिमा को विसर्जन के लिए रवाना हुआ। बंगाल से आए 108 ढाक की थाप गूंजते तो शामिल महिलाओं ने शंखनाद करते हुए चल रही थीं।
रास्ते भर श्रद्धालुओं ने माता की प्रतिमा की आरती उतारी और फूल बरसाकर स्वागत कर रहे थे। माता की प्रतिमा मदनपुरा की सड़क पर पहुंची। फेरी लगाने के बाद गोदौलिया चौराहे पर रात में 8:45 बजे पहुंची। यहां पर मेयर अशोक तिवारी, विधायक नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव और वीडीए सदस्य अमरीष सिंह भोला ने भी मां की पूजा की।
यहां पांच परिक्रमा लगाने के बाद प्रतिमा का वाहन आगे बढ़ा। ढ़ोल-नगाड़ों की थाप और जय माता दी के उद्घोष से गलियां और सड़कें गूंज रही थीं। प्रतिमा को मंदाकिनी कुंड की तरफ विसर्जन के लिए मैदागिन चौराहे 10:15 बजे पहुंची। वाहन से मां की प्रतिमा उतारकर श्रद्धालुओं ने कंपनी बाग पहुंचे, जहां मां की आरती के बाद 10:45 बजे विसर्जित किया गया। शोभायात्रा में क्लब के अध्यक्ष लालू शास्त्री, कहैयाचंद्र तलापात्रा, अमरबोस, देवशंकर बनर्जी, रतुल आदि शामिल रहे।