UP: दिव्यांग युवती को शौचालय तो दिया नहीं, चचेरे भाई को बना दिया उसका पति; तीन लोगों से मांगा गया स्पष्टीकरण
Varanasi News: आजमगढ़ में दिव्यांग युवती को शौचालय योजना का लाभ न देकर दस्तावेजों में उसके चचेरे भाई को पति दर्शाने का मामला सामने आया है। शिकायत के बाद बीडीओ ने ग्राम सचिव, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण मांगा है। मामले को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है और जांच शुरू कर दी गई है।
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UP News: आजमगढ़ के ग्राम पंचायत बनवीरपुर की दिव्यांग युवती द्वारा शौचालय योजना में गलत तरीके से अपात्र घोषित किए जाने के मामले में जांच के दौरान बड़ी लापरवाही सामने आई है। जांच में यह पाया गया कि ग्राम पंचायत सचिव द्वारा युवती को उसके चचेरे भाई की पत्नी बताकर विवाहित दर्शाया गया था, जबकि यह तथ्य पूरी तरह असत्य निकला। इस मामले में संबंधित सचिव, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण तलब किया है।
सुषमा सिंह ने बताया कि वह दिव्यांग हैं और अपने पिता की इकलौती संतान है। दिव्यांग होने के कारण उनकी शादी भी नहीं हुई है। शौचालय योजना का लाभ लेने के लिए उन्होंने आवेदन किया था। लेकिन, शौचालय योजना का लाभ मांगने पर ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव द्वारा उन्हें गलत तरीके से विवाहित दर्शाकर अपात्र घोषित कर दिया गया। जब उन्होंने इसकी शिकायत डीएम से की तो उनके निर्देश पर खंड विकास अधिकारी मिर्जापुर द्वारा मामले की जांच कराई गई।
मामला बना चर्चा का विषय
आठ मई काे सहायक विकास अधिकारी (सहकारिता), सहायक विकास अधिकारी (पंचायत), संबंधित सचिव, ग्राम प्रधान, शिकायतकर्ता सुषमा सिंह, विवेक सिंह तथा अन्य ग्रामीणों की मौजूदगी में स्थलीय जांच की गई। जांच टीम ने पाया कि सुषमा सिंह दिव्यांग हैं और अपने पैतृक घर में भाभी के साथ रहती हैं।
उनके घर के पूर्व दिशा में स्वच्छ भारत मिशन फेस-2 के अंतर्गत निर्मित शौचालय भी मिला। अभिलेखीय जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि शौचालय निर्माण के लिए पहली किश्त 13 मार्च 2024 को छह हजार रुपये तथा दूसरी किश्त 30 अगस्त 2024 को छह हजार रुपये उनके खाते में भेजी जा चुकी है।
हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि पूर्व में सचिव द्वारा दी गई रिपोर्ट में सुषमा सिंह को विवाहित बताते हुए विवेक सिंह की पत्नी दर्शाया गया था, जबकि ग्रामीणों और परिजनों ने स्पष्ट किया कि विवेक सिंह उनके चचेरे भाई हैं। अधिकारियों ने इसे असत्य, भ्रामक और निंदनीय माना है।
इस पर बीडीओ ने गलत रिपोर्ट देने पर ग्राम पंचायत सचिव, प्रधान और पंचायत सहायक से स्पष्टीकरण तलब किया। साथ ही अपनी जांच रिपोर्ट डीएम को सौंप दी है। शुक्रवार को दिव्यांग सुषमा सिंह डीएम से मिलीं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।