Flight Diverted: चीन से नेपाल जा रही फ्लाइट सहित दो उड़ानें वाराणसी डायवर्ट, जानें वजह; 47 यात्री थे सवार
Varanasi News: उत्तर भारत में खराब मौसम के कारण एक अंतरराष्ट्रीय और एक घरेलू उड़ान को वाराणसी एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। चीन से काठमांडू जा रही फ्लाइट और इंदौर से रीवा जा रही इंडिगो उड़ान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। मौसम सामान्य होने के बाद दोनों विमानों को उनके निर्धारित गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
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Varanasi News: उत्तर भारत के कई हिस्सों में खराब मौसम का असर बृहस्पतिवार को हवाई यातायात पर भी देखने को मिला। मौसम प्रतिकूल होने के कारण एक अंतरराष्ट्रीय और एक घरेलू उड़ान को उनके निर्धारित गंतव्य के बजाय वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर डायवर्ट करना पड़ा। दोनों विमानों की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई और मौसम में सुधार होने के बाद उन्हें उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया।
जानकारी के अनुसार नेशनल ज्योग्राफिक लिवरी से संचालित फ्लाइट संख्या एफआई-1209 चीन के शियानयांग से नेपाल की राजधानी काठमांडू जा रही थी। काठमांडू में खराब मौसम और प्रतिकूल उड़ान परिस्थितियों के कारण विमान को वाराणसी एयरपोर्ट पर उतारा गया। यह अंतरराष्ट्रीय उड़ान दोपहर करीब तीन बजे बाबतपुर स्थित एयरपोर्ट पहुंची। विमान में 47 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे। एयरपोर्ट पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विमान को शाम 4:45 बजे काठमांडू के लिए रवाना कर दिया गया।
वहीं इंडिगो की फ्लाइट संख्या 6ई-7363 इंदौर से रीवा जा रही थी। रीवा में मौसम खराब होने के कारण विमान को वाराणसी एयरपोर्ट की ओर मोड़ना पड़ा। यह विमान दोपहर 3:42 बजे एयरपोर्ट पहुंचा। विमान में 29 यात्री और चार क्रू सदस्य सवार थे। करीब डेढ़ घंटे तक वाराणसी एयरपोर्ट पर रुकने के बाद मौसम सामान्य होने पर विमान को शाम पांच बजे रीवा के लिए रवाना किया गया।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार दोनों विमानों की लैंडिंग पूरी सुरक्षा मानकों के तहत कराई गई। यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने आवश्यक इंतजाम किए थे। अचानक दो विमानों के डायवर्ट होकर पहुंचने से कुछ समय के लिए एयरपोर्ट पर गतिविधियां बढ़ गईं, लेकिन संचालन व्यवस्था पूरी तरह सुचारु बनी रही। अधिकारियों का कहना है कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर विमानों के संचालन से जुड़े निर्णय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए लिए जाते हैं।