Sawan Special: काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा करते हैं गर्थ और वोरा, बाबा को प्रणाम कर शुरू करते हैं ड्यूटी
Varanasi News: सावन में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा में इंसानों के साथ चार पैरों वाले गर्थ और वोरा भी तैनात किए गए हैं। गंगा द्वार से बाबा को प्रणाम करने के साथ इनकी ड्यूटी शुरू होती है।
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Varanasi News: सावन में श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर की सुरक्षा में अर्धसैनिक बलों और पुलिस के अलावा स्निफर डॉग गर्थ और बोरा भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जर्मन शेफर्ड वोरा और लैब्राडोर ब्रीड के गर्थ स्निफर डॉग की धाम में आठ-आठ घंटे की ड्यूटी तय है। मंदिर खुलने और बंद होने तक वो अपनी ड्यूटी निभाते हैं। खास बात ये है कि विश्वनाथ धाम में ड्यूटी शुरू करने से पहले दोनों डॉग गंगा द्वार से बाबा को प्रणाम करते हैं।
आठ साल के गर्थ और नौ साल के वोरा की देखरेख और उनके खानपान की जिम्मेदारी दो हैंडलर और एक सहायक को सौंपी गई है। हैंडलर के तौर पर दो हेड कांस्टेबल उन्हें पुलिस लाइन से वाहन से धाम परिसर में ड्यूटी के लिए लाते हैं। सावन में भीड़ अधिक होने के कारण इनकी जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
स्क्वाड प्रभारी पंकज राय बताते हैं कि गर्थ की सूंघने की क्षमता गजब की है। विस्फोटक सामग्री खोजने के लिए दो बार पुलिस महानिदेशक गर्थ को गोल्ड मेडल से नवाज चुके हैं। गर्थ जैसी सूंघने की क्षमता प्रदेश के किसी कुत्ते में नहीं है। कैनेल क्लब ऑफ इंडिया चेन्नई की ओर से कुत्तों का शो आयोजित किया जाता है। वहीं से इन गर्थ और वोरा को लाया गया।
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उत्तर प्रदेश पुलिस ने दोनों कुत्तों को खरीदा और फिर इन्हें ट्रेनिंग दी गई। स्निफर डाॅग ऐसे विशेष रूप से प्रशिक्षित कुत्ते होते हैं जो अपनी अद्भुत सूंघने की शक्ति का उपयोग करके विस्फोटक, अवैध ड्रग्स, वन्यजीवों के अवशेष और छिपे हुए हथियार तक ढूंढ़ लेते हैं।
मिक्स वेज और रोटी, दूध है आहार में शामिल
प्रभारी पंकज राय के अनुसार गर्थ और वोरा की डाइट बहुत हैवी नहीं है। उन्हें मिक्स वेज, रोटी और दूध दिया जाता है। इनकी उम्र जैसे-जैसे बढ़ती है, डाइट कम होती जाती है। पुलिस लाइन में गर्थ और वोरा का आवास है। एक सहायक उनकी देखरेख करता है। 400 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से एक डॉग की खुराकी है।
अधिकारी बोले
काशी विश्वनाथ धाम की सुरक्षा में गर्थ और वोरा की तैनाती है। वह दोनों आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। दोनों की देखरेख के लिए दो हैंडलर और एक सहायक की तैनाती की गई है। लावारिस वस्तुओं को सूंघकर पुलिस टीम को सतर्क करते हैं। - प्रमोद कुमार, डीसीपी लाइन