Varanasi: काशी विद्यापीठ का 44वां दीक्षांत समारोह 31 को, केवल गोल्ड मेडलिस्ट को मिलेगा प्रवेश
वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 44वें दीक्षांत समारोह 31 दिसंबर को मनाया जाएगा। कोविड प्रोटोकॉल के साथ दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा।
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वाराणसी स्थित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 44वें दीक्षांत समारोह में केवल गोल्ड मेडलिस्ट को ही उपाधि दी जाएगी। स्नातक के 16, परास्नातक के 43 विद्यार्थियों को 59 पदक मिलेंगे। इसके अलावा दो उत्कृष्ट खिलाड़ी, बीए संस्कृत में सर्वोच्च अंक पाने वाले, एक स्नातक और एक परास्नातक में सर्वोच्च अंक पाने वाले विद्यार्थी को गोल्ड मेडल प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही कोविड प्रोटोकॉल के साथ ही दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा।
यह जानकारी कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने सोमवार को प्रशासनिक भवन में प्रेसवार्ता में दी। कुलपति प्रो. त्यागी ने बताया कि कोरोना के संक्रमण को देखते हुए कोविड प्रोटोकॉल के साथ ही दीक्षांत समारोह का आयोजन किया जाएगा। नो मास्क नो इंट्री के नियम को सख्ती से पालन कराया जाएगा।
विद्यार्थियों के साथ एक ही अभिभावक को अनुमति
इसके साथ ही स्वर्ण पदक धारियों को एक सीट छोड़कर ही बैठने का इंतजाम किया जाएगा। विद्यार्थियों के साथ एक ही अभिभावक को प्रवेश की अनुमति मिलेगी। कोविड हेल्प डेस्क भी सक्रिय किया जाएगा और इस पर स्वास्थ्यकर्मी तैनात रहेंगे।
दीक्षांत समारोह का होगा लाइव प्रसारण
टॉप-10 विद्यार्थियों को 29 दिसंबर से बंटेंगी उपाधियां
परीक्षा नियंत्रक प्रो. बीडी पांडेय ने बताया कि स्नातक में 55 हजार 61 और परास्नातक में 30 हजार 131 विद्यार्थियों को डिग्री दी जाएगी। इसके अलावा टॉप टेन की सूची में शामिल विद्यार्थियों को उपाधियों का वितरण 29 और 30 दिसंबर को किया जाएगा। इसके अलावा 45 शोध छात्रों को और डॉ. अर्चना पांडेय को डीलिट की उपाधि दी जाएगी।