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World Family Day: अनूठी मिसाल... एक किचन में बनता है 52 लोगों का खाना, साढ़े तीन घंटे में तैयार होता है भोजन

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Fri, 15 May 2026 03:52 PM IST
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सार

Varanasi News: काशी का मौर्य परिवार सामूहिकता की अनूठी मिसाल है। यहां रोज 52 लोगों का खाना एक किचन में बनता है। 10 लीटर दूध का चाय बनता है। वहीं सुबह छह बजे से ही नाश्ता बनना शुरू हो जाता है। 

World Family Day special story of unique example of family togetherness within Maurya family in Varanasi
काशी का मौर्य परिवार सामूहिकता की अनूठी मिसाल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

बदलते समय के साथ जहां परिवारों में विघटन की समस्या बढ़ी है, वहीं काशी का मौर्य परिवार आज भी संयुक्त परिवार की मिसाल है। इस परिवार की खासियत यह है कि यहां हर दिन एक ही चूल्हे पर 52 लोगों का खाना बनता है। परिवार की मुखिया के इस आदेश का सभी पालन करते हैं। करीब साढ़े तीन घंटे में भोजन तैयार हो जाता है। घर की महिलाएं हर दिन 300 रोटियां बनाती हैं, जबकि करीब पांच किलोग्राम चावल पकता है। परिवार में 10 लीटर दूध की चाय बनती है।

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संयुक्त परिवार के प्रति जागरूकता के उद्देश्य से हर वर्ष 15 मई को विश्व परिवार दिवस मनाया जाता है। मौर्य परिवार की बात करें तो परिवार के सबसे वरिष्ठ सदस्य ओमप्रकाश मौर्य के निधन के बाद उनकी पत्नी और घर की सबसे वरिष्ठ सदस्य लालमनी देवी के मार्गदर्शन में पूरा परिवार संचालित हो रहा है। 

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मकान में हैं 40 कमरे
परिवार के सभी सदस्यों की अपनी-अपनी जिम्मेदारियां हैं, जिनका वे बखूबी निर्वहन करते हैं। अकथा स्थित मकान में 40 से अधिक कमरे हैं और एक बड़ा डायनिंग हॉल भी है, जहां परिवार के सदस्य सामूहिक रूप से नाश्ता और भोजन करते हैं। सबसे खास बात यह है कि खाने का मेन्यू भी घर की मुखिया के निर्देश पर ही तय होता है। पूरा परिवार शाकाहारी है और नवरात्र में बिना लहसुन-प्याज के भोजन बनाया जाता है। ऐसे संयुक्त परिवार अब कम ही देखने को मिलते हैं। 

सुबह 6 बजे से नाश्ता बनना शुरू हो जाता है
मौर्य परिवार के सदस्य और अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, पहड़िया के वाइस चेयरमैन अमित मौर्य का कहना है कि एक समय का भोजन तैयार होने में करीब साढ़े तीन घंटे लगते हैं। मम्मी, चाची और भाभियां मिलकर पूरा काम संभालती हैं। हर दिन बच्चों के स्कूल जाने के बाद सुबह 6 बजे से नाश्ता और भोजन बनना शुरू होता है, जो सुबह 9:30 बजे तक तैयार हो जाता है। वहीं रात के भोजन के लिए शाम 3:30 बजे से किचन में काम शुरू हो जाता है और रात 7 बजे तक खाना तैयार हो जाता है। भोजन तैयार होने के बाद सबसे पहले घर के बच्चे शाम 7 से 8 बजे तक एक साथ टेबल पर खाना खाते हैं। इसके बाद घर की महिलाएं और फिर चाचा, पापा और सभी भाई मिलकर भोजन करते हैं। चाहे किसी के पास कितनी भी व्यस्तता हो, लेकिन भोजन के समय सभी लोग एक साथ जरूर मिलते हैं। रात 10 बजे तक सभी का भोजन पूरा हो जाता है।

ये जानें

  • घर में सदस्यों की संख्या - 52
  • हर दिन बनने वाली रोटियां - 300
  • चावल - करीब 5 किलोग्राम
  • चाय के लिए दूध - 10 लीटर
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