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Adhikmas 2026: काशी के 24 सिद्ध विष्णु मंदिरों में 30 दिन होगा शृंगार, रोज जलाए जाएंगे 33-33 दीप

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Fri, 15 May 2026 04:04 PM IST
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सार

Varanasi News: अधिमास यानी मलमास 17 मई से शुरू हो रहा है। ऐसे में काशी में 24 सिद्ध विष्णु मंदिरों में 30 दिन शृंगार होगा। वहीं रोज 33-33 दीप जलाए जाएंगे। साथ ही अलग-अलग व्यंजनों के भोग लगाए जाएंगे। 

Adhikmas 2026 Adornment rituals will be performed for 30 days at 24 renowned Vishnu temples of Kashi
भगवान पुरुषोत्तम की प्रतिमा - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

तीन साल बाद अधिमास यानी मलमास 17 मई से शुरू हो रहा है। पूरे महीने स्नान-दान के साथ मंदिरों में दर्शन-पूजन होगा। श्रद्धालु पंचक्रोशी यात्रा में शामिल होंगे। 33 कोटि देवताओं के स्वामी भगवान विष्णु को समर्पित अधिमास में काशी के 24 सिद्ध विष्णु मंदिरों सहित 100 से अधिक मंदिरों में विशेष शृंगार और भोग लगेगा। रोज 33-33 दीप भी जलाएं जाएंगे। 

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पुरुषोत्तम, बिंदु माधव और आदिकेशव मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए भीड़ उमड़ेगी। सहस्रनाम जप के साथ 33 प्रकार के फल और 33 मालपुओं का विशेष भोग लगाया जाएगा। इस बार ज्येष्ठ मास में अधिमास लगा है। अभी शुद्ध ज्येष्ठ मास चल रहा है। 17 मई से अधिमास शुरू हो जाएगा। 
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पुराणों के अनुसार काशी में 24 ऐसे सिद्ध विष्णु मंदिर हैं, जहां मलमास भर दर्शन-पूजन के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। पंचगंगा घाट स्थित बिंदु माधव मंदिर के महंत आचार्य मुरलीधर पटबर्धन ने बताया कि मलमास भर भगवान विष्णु के सिद्ध मंदिरों में प्रतिदिन अलग-अलग शृंगार और भोग लगाया जाएगा।

होजकटोरा स्थित पुरुषोत्तम मंदिर के महंत पं. शंकर दीक्षित ने बताया कि मलमास में भगवान विष्णु के दर्शन-पूजन का विशेष फल मिलता है। इस मास में दो एकादशी और प्रत्येक बृहस्पतिवार को विशेष शृंगार व पूजन होता है। प्रभु को तुलसी दल अति प्रिय है, इसलिए तुलसी की माला, सहस्रनाम जप आदि अनुष्ठान किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नैवेद्य 33-33 की संख्या में चढ़ाए जाएंगे। थाली में 33 मालपुए चढ़ाकर दान करने से भूमिदान के समान फल मिलता है।

पंचतीर्थी यात्रा कर पांच घाटों पर करेंगे दर्शन 
काशी में अस्सी से आदिकेशव घाट तक पंचतीर्थी यात्रा निकाली जाती है। मलमास भर अस्सी, केदारघाट, दशाश्वमेध, मणिकर्णिका, पंचगंगा और आदिकेशव घाट स्थित विष्णु मंदिरों में दर्शन का विधान है। दक्षिण भारत सहित देशभर से आने वाले श्रद्धालु इस यात्रा में शामिल होते हैं। श्रद्धालु मणिकर्णिका घाट पर पंचक्रोशी यात्रा का संकल्प लेकर यात्रा की शुरुआत और समापन करते हैं। 56 विनायक यात्रा भी निकाली जाती है। यूपी, बिहार, झारखंड, मध्यप्रदेश और राजस्थान सहित कई राज्यों के श्रद्धालु इसमें शामिल होंगे।

मांगलिक कार्यों पर लगेगा विराम
मलमास में मांगलिक कार्यों पर विराम लग जाएगा। वैवाहिक लग्न समाप्त हो जाएंगे। मुंडन, गृहप्रवेश सहित अन्य मांगलिक कार्य नहीं होंगे। अधिमास ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष में 17 मई से शुरू होकर 15 जून तक रहेगा। इसके बाद पुनः मांगलिक कार्य और विवाह लग्न शुरू होंगे।

पुरुषोत्तम मास मेले की तैयारियों का विधायक ने लिया जायजा
अधिकमास के दौरान आयोजित होने वाले विशेष पुरुषोत्तम मास मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। बृहस्पतिवार को रोहनिया विधायक डॉ. सुनील पटेल ने पंचक्रोशी परिक्रमा के तीसरे पड़ाव रामेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। विधायक ने मंदिर परिसर और आसपास स्वच्छता, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा, शौचालय आदि की व्यवस्था मुकम्मल करने के निर्देश दिए। इस दौरान जंसा पुलिस, राम प्रसाद, ग्राम प्रधान घनश्याम यादव, राहुल सिंह, त्रिभुवन मौर्य आदि रहे।

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