महादेव की काशी में जन्माष्टमी की तैयारी: जरीदार पगड़ी, मोती जड़ी अचकन और मथुरा के मुकुट से सजेंगे लड्डू गोपाल
काशी में कृष्ण जन्माष्टमी की तैयारियां तेज हो गई हैं। लड्डू गोपाल के कपड़ों व सजावट सामग्रियों से बाजार पट गए हैं। महिलाएं जमकर खरीदारी कर रही हैं। इस बार लड्डू गोपाल जरीदार पगड़ी, मोती जड़ी अचकन और मथुरा के मुकुट से सजेंगे।
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सावन मास में शिवमय रही काशी अब कृष्ण भक्ति से ब्रजमय होने की तैयारी में है। वृंदावन से आने वाली जरीदार पगड़ी, मोती जड़ी अचकन और मथुरा के मुकुट से लड्डू गोपाल को सजाया जाएगा। कोलकाता और बंगलूरू के फूलों के साथ थाईलैंड से मंगाए गए पुष्पों से जन्माष्टमी पर कान्हा का शृंगार होगा।
ब्रजधाम से रेशमी कपड़े और बांसुरी समेत शृंगार की सामग्री मंगाई गई है। चार सितंबर को श्रीकृष्ण जन्मोत्सव पर काशी में जगह-जगह भव्य झांकियां सजेंगी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का उत्सव तीन सितंबर से ही शुरू हो जाएगा।
तीन दिनों तक काशी ब्रजधाम सरीखी नजर आएगी। काशी में सबसे बड़ा उत्सव इस्कॉन मंदिर दुर्गाकुंड में होगा। यहां मथुरा और वृंदावन से भगवान के लिए वस्त्र और शृंगार की सामग्री मंगाई गई है, जो एक-दो दिन में पहुंच जाएगी। मथुरा की विशेष पगड़ी और वृंदावन की पारंपरिक अचकन में बाल गोपाल दर्शन देंगे।
इस्कॉन मंदिर वाराणसी के व्यवस्थापक मुरारी दास गुप्त ने बताया कि इस्कॉन के प्रशिक्षित भक्त करीब ढाई माह से भगवान के वस्त्र और विशेष पगड़ी तैयार कर रहे हैं। रेशमी कपड़े पर जरी और मोती की महीन कारीगरी की जा रही है। मंदिर की सजावट के लिए कोलकाता के कारीगर बुलाए गए हैं। कोलकाता, बंगलूरू और पुणे के अलावा थाईलैंड से भी फूल आएंगे। पूजा के लिए कुछ बाहर से पुजारी भी आएंगे।
हरे राम हरे कृष्ण संकीर्तन सोसाइटी की ओर से माहेश्वरी भवन में तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी उत्सव तीन सितंबर से शुरू होगा। सोसाइटी के अध्यक्ष कृष्ण प्रसाद दास ने बताया कि मथुरा से लड्डू गोपाल समेत सभी विग्रहों के लिए वस्त्र मंगाकर यहां तैयार कराए जा रहे हैं।
महिलाएं करीब डेढ़ माह से भगवान के कपड़े और मुकुट आदि तैयार कर रही हैं। वैष्णव परंपरा के प्रमुख पीठ श्रीगोपाल मंदिर में भी जन्माष्टमी की तैयारी शुरू हो गई है। राग-भोग बनने लगे हैं। शहर के अन्य राधा-कृष्ण मंदिरों के साथ प्रतिष्ठानों और घरों में भी भगवान श्रीकृष्ण की झांकियां सजाकर पूजा-अर्चना की जाएगी।
250 से ज्यादा तरह के भोग होंगे तैयार
इस्कॉन मंदिर में जन्माष्टमी पर विशेष शृंगार के साथ भोग की भी व्यापक तैयारी की जा रही है। करीब 11 क्विंटल भोग सामग्री तैयार की जा रही है। इसमें 250 से ज्यादा तरह के व्यंजन शामिल हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए पूजा के लिए पंडाल भी तैयार किए जा रहे हैं।
20 टीमें करेंगी अखंड हरिकीर्तन, होगा बिरहा मुकाबला
श्री कच्चा बाबा आश्रम जाल्हूपुर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कमेटी की ओर से तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनाया जाएगा। यहां पांच सितंबर से जन्मोत्सव के आयोजनों की शुरुआत होगी। वाराणसी, बलिया, चंदौली और गाजीपुर की 20 कीर्तन टीमें भजन-कीर्तन करेंगी। पहले दिन सुबह नौ बजे सुरेश विश्वकर्मा और रामायणी टीम, जाल्हूपुर की ओर से हरिकीर्तन होगा। आयोजक कमेटी के अनुसार छह सितंबर को बिरहा का त्रिकोणीय मुकाबला होगा। सात सितंबर को भी बिरहा मुकाबला आयोजित किया जाएगा।