काशी में बोले एमपी के सीएम: विश्वनाथ मंदिर व महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट ओडीओपी के क्षेत्र में एक साथ बढ़ेंगे आगे
Varanasi News: वाराणसी दौरे पर आए एमपी के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन किए। साथ ही उन्होंने मंदिर परिसर में भ्रमण कर यहां के व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव मंगलवार की सुबह काशी पहुंचे। उन्होंने श्रीकाशी विश्वनाथ के दर्शन किए। इसके बाद मंदिर परिसर में क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम को देखा और डीएम सत्येंद्र कुमार व मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा से पूरी व्यवस्था की जानकारी ली। इसके बाद कैंट स्थित होटल रमाडा में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश सहयोग सम्मेलन में हिस्सा लिया। यहां उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान और औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी के सामने श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट और महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट के बीच एमओयू हुआ। दोनों ट्रस्ट ओडीओपी उत्पादों के क्षेत्र में एक साथ आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी विश्वनाथ धाम का क्राउड मैनेजमेंट सिस्टम अच्छा है। इसी तरह का प्रबंधन हम सिंहस्थ के दौरान भी चाहते हैं। मुख्यमंत्री ने मंदिर की एसओपी को करीब एक घंटे तक प्रस्तुतिकरण के माध्यम से समझा। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में सिंहस्थ के आयोजन के लिए हर तरह के प्रबंधन की तैयारियां चल रही है। प्रयागराज में ऐतिहासिक महाकुंभ के आयोजन की व्यवस्थाओं के अध्ययन से सिंहस्थ के बेहतर प्रबंधन में मदद मिलेगी।
देश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम किया : मोहन यादव
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के बल पर देश ने लाल सलाम को आखिरी सलाम किया है। यह लोकतंत्र की स्थापना के लिए बड़ी चुनौती थी। मध्यप्रदेश भी अब नक्सल मुक्त हो चुका है। इससे प्रदेश के विकास और औद्योगिक गतिविधियों का विस्तार होगा। मध्यप्रदेश अपनी नीति आधारित पारदर्शिता, उद्योगों के लिए उपलब्ध विशाल भूमि बैंक, विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, मजबूत कनेक्टिविटी और निवेशक हितैषी वातावरण के साथ नए अवसरों का केंद्र बन रहा है।
केन-बेतवा नदी जोड़ो परियोजना के कार्यों की शुरुआत हुई है। इसका लाभ मध्य प्रदेश के बुंदेलखंड और उत्तर प्रदेश के जिलों को भी मिलेगा। यह परियोजना सिंचाई के साथ पेयजल सुविधा भी उपलब्ध कराएगी। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के लिए यह स्थिति नये प्रयासों और नये सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण संभावनाएं पैदा कर रही है। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश मिलकर मुरैना में 2000 मेगावॉट के सोलर एनर्जी प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़कर 55 लाख हेक्टेयर हो गया है। राज्य में औद्योगिक विकास के लिए अनंत निवेश संभावनाएं हैं। प्रदेश से 70 हजार करोड़ से अधिक का निर्यात हो रहा है। प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 40 हो गई है। राज्य सरकार अस्पताल खोलने के लिए 1 रुपये लीज पर 30 एकड़ जमीन उपलब्ध करा रही है।
उत्तर प्रदेश के एमएसएमई मंत्री राकेश सचान ने कहा कि उप्र में एमएसएमई की 96 लाख इकाइयां हैं जो कृषि के बाद सबसे अधिक 3 करोड़ लोगों को रोजगार दे रही हैं। राज्य सरकार ने 2018 में ओडीओपी प्रोग्राम की शुरुआत की गई। युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए बिना ब्याज के 5 लाख तक का लोन प्रदान किया जा रहा है। मध्यप्रदेश के धार में प्रधानमंत्री ने बड़े पीएम मित्र पार्क की नींव रखी है। बनारस में 100 एकड़ भूमि पर टेक्सटाइल पार्क का भूमि पूजन प्रस्तावित है। औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि बघेलखंड, ग्वालियर-चंबल और बुंदेलखंड के लोगों के साथ उत्तर प्रदेश का विशेष संबंध है। यह सम्मेलन ओडीओपी और एमएसएमई सेक्टर में सहयोग के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा।
मध्य प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी में रजत पदक प्राप्त किया : राघवेंद्र
प्रमुख सचिव औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि इस सहयोग सम्मेलन में मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का उद्देश्य एक है। मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में ओडीओपी उत्पाद हैं जिनसे लाखों कारीगर और किसान जुड़े हैं। स्वयं-सहायता समूहों के माध्यम से ओडीओपी की बिक्री 500 करोड़ रुपये से ज्यादा हो चुकी है। मध्य प्रदेश में अब निर्यात 65 हजार करोड़ से ज्यादा हो चुका है। प्रदेश में 26 उत्पादों को जीआई टैग प्राप्त हुआ है। राष्ट्रीय स्तर पर ओडीओपी में मध्य प्रदेश ने रजत पदक हासिल किया है। प्रदेश में ओडीओपी नई पहचान के रूप में स्थापित हो रहा है। उज्जैन में 284 करोड़ रुपये की लागत से यूनिटी मॉल बनेगा जो मध्य भारत में सबसे बड़ा ओडीओपी शोकेस होगा। अन्य प्रदेशों के ओडीओपी उत्पाद भी यहां एक छत के नीचे होंगे। सम्मेलन में संवर्धन प्रबंध संचालक एमएसएमई चंद्र मौली शुक्ला, प्रबंध संचालक पर्यटन इलैयाराजा टी मंडल, आयुक्त उज्जैन आशीष सिंह और जनसपंर्क मनीष सिंह समेत अन्य मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सम्मेलन में लगाई प्रदर्शनी को भी देखा। यहां बांस शिल्प मेटल क्राफ्ट वस्त्र कला और जूट शिल्प के उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं। इसके माध्यम से लघु उद्योग और शिल्पकारों की परिश्रम को दर्शाया गया है प्रदर्शनी में मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के एक जिला एक उत्पाद में शामिल विभिन्न उत्पादों जी आई टैग प्राप्त उत्पादों को साझा मंच प्राप्त हुआ है। प्रदर्शनी में वाराणसी सॉफ्ट स्टोन जरी वर्क बनारस ब्लांकेट्स एवं साड़ी वर्क बनारस वुडन वर्क बनारस ग्लास माला उत्पाद एवं बनारस गुलाबी मीनाकारी क्राफ्ट के स्टाल लगाए गए हैं।