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Ram Navami: काशी में 19 नदियों और 22 कुंडों के जल से होगा प्रभु श्रीराम का अभिषेक, निकाली जाएंगी शोभायात्राएं
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Wed, 25 Mar 2026 05:19 PM IST
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सार
Varanasi News: वाराणसी जिले में प्रभु श्रीराम के जन्मोत्सव पर मठ से लेकर मंदिरों और घरों में अनुष्ठान होंगे। घरों में रामनवमी की पूजा होगी। अखंड रामायण, मानस पारायण, सुंदरकांड का पाठ होगा।
Ram Navami
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
चैत्र नवरात्र की नवमी तिथि पर मां भगवती के पूजन-अर्चन के साथ प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव भी मनाया जाएगा। दक्षिण से उत्तर भारत के भक्त काशी में रामनवमी की पूजा करेंगे। प्रभु श्रीराम के जन्म पर देश की 19 नदियों, समुद्र और रामेश्वरम मंदिर में मौजूद 22 कुंडों के वाल्मीकि रामायण के पारायण से पूजित जल से अभिषेक होगा। शोभायात्राएं निकाली जाएंगी।
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घरों से लेकर मठ, आश्रमों और मंदिरों में कन्या पूजन के साथ प्रभु के जन्मोत्सव पर अनुष्ठान होंगे। वासंतिक नवरात्र में सप्तमी, अष्टमी और नवमी तिथि पर पूजन का विशेष महत्व है। मठ और मंदिरों में खासकर इन तीनों दिन देवी की पूजा होगी। मगर, रामनवमी पर मंदिरों से लेकर घरों तक पूजा होगी। महिलाएं विशेष पूजा करेंगी।
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श्रीराम जानकी मंदिर अस्सी, श्रीराम मंदिरों में विशेष अनुष्ठान होंगे। घरों में रामनवमी की पूजा होगी। अखंड रामायण, मानस पारायण, सुंदरकांड का पाठ होगा। अस्सी घाट के पास से रामकथा मंदाकिनी संस्था की ओर से गंगा में राममंदाकिनी यात्रा निकाली जाएगी। बजड़ों पर श्रद्धालु शामिल रहेंगे। नागरिक संघ की ओर से राजेंद्र प्रसाद घाट पर प्रभु श्रीराम की आरती होगी।
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कलाकारों और कवियों की प्रस्तुतियां होंगी। आनंदमयी आश्रम, भोला गिरि आश्रम, विश्वनाथ मंदिर के पास कालिका गली, शिवपुर में मां दुर्गा की प्रतिमा रखकर सप्तमी से दशमी तक पूजा होगी। श्रीरामतारका आंध्रा आश्रम में 10 दिवसीय अनुष्ठान के तहत श्रीरामनवमी पर प्रभु श्रीराम का 19 नदियों, समुद्र और रामेश्वरम मंदिर के 22 कुंडों के जल से अभिषेक होगा।
आश्रम में प्रबंधक वीवी सुंदरम् शास्त्री ने बताया कि एक लाख से ज्यादा गायत्री मंत्र और वाल्मीकि रामायण के पारायण से ये जल पूजित है। बीते एक साल से ये जल एकत्र किया जा रहा है। कीनाराम आश्रम, पातालपुरी मठ सहित अन्य मठों में रामनवमी की पूजा होगी। हनुमान मंदिर पुराना पान दरीबा से श्रीराम ध्वजा यात्रा निकाली जाएगी।
ये नदियों के जल से होगा अभिषेक
हरिद्वार, काशी के गंगा, त्रिवेणी प्रयागराज, गोदावरी, नर्वदा, कावेरी, तुंगभद्रा, कृष्णा, सरयु, मानसरोवर, धनुषकोटि, महानदी, अग्नि तीर्थ, प्रयागराज के महाकुंभ, चक्रतीर्थ, अहोबिलभ तीर्थ, स्वामी पुष्कर्णि तीर्थ, कपिल तीर्थम् नदियों के अलावा रामेश्वरम् के पास धनुषकोटि से समुद्र जल लाया गया है। जबकि रामेश्वरम् मंदिर के 22 कुंडों के जल लाया गया है। एक साल में इन जलों को एकत्रित किए गए हैं।
40 कन्याओं का हुआ पूजन
प्रभुजन सेवा संस्थान की ओर से रामापुरा स्थित मातृ मंदिर कन्या पाठशाला गुरुकुल में 40 कन्याओं का पूजन किया गया। संस्था की संस्थापिका लक्ष्मी पाठक और सचिव डॉ. नीता सिंह ने कन्याओं का पूजन किया। उन्हें भोज कराया और उपहार दिया। उधर, रवींद्रपुरी में इंटरनेशलन वेदांत सोसाइटी की ओर से षष्ठी पूजा हुई।
40 कन्याओं का हुआ पूजन
प्रभुजन सेवा संस्थान की ओर से रामापुरा स्थित मातृ मंदिर कन्या पाठशाला गुरुकुल में 40 कन्याओं का पूजन किया गया। संस्था की संस्थापिका लक्ष्मी पाठक और सचिव डॉ. नीता सिंह ने कन्याओं का पूजन किया। उन्हें भोज कराया और उपहार दिया। उधर, रवींद्रपुरी में इंटरनेशलन वेदांत सोसाइटी की ओर से षष्ठी पूजा हुई।