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रामनगर की रामलीला देखने बनारस आ सकते हैं नवनिर्वाचित राष्ट्रपति
amarujala.com, written by गुंजन श्रीवास्तव
Updated Sat, 22 Jul 2017 01:57 PM IST
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ramnath kovind
- फोटो : अमर उजाला
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देश के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति रामनाथ कोेविंद रामनगर की विश्वप्रसिद्ध रामलीला देखने काशी आ सकते हैं। राजग की ओर से राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार घोषित होने के बाद उन्होंने यह इच्छा भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष और एमएलसी लक्ष्मण आचार्य से जताई थी।
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आचार्य उन्हें बधाई देने नई दिल्ली गए थे। आचार्य ने भी आग्रह किया था कि वे काशी जरूर आएं। नवनिर्वाचित राष्ट्रपति का स्वागत कर काशी क्षेत्र के कार्यकर्ता गौरवान्वित होंगे। गुरुवार को रामनाथ कोविंद के राष्ट्रपति निर्वाचित होने की घोषणा के बाद काशी में मनाए गए जश्न का एक अलग रंग था।
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भाजपा के कार्यालयों में तो ढोल-नगाड़े बजे ही, दूरदराज के गांवों में भी तमाम घरों में खुशियां मनाई गईं। दरअसल, काशी क्षेत्र के बूथ स्तर तक के कार्यकर्ताओं से नवनिर्वाचित राष्ट्रपति की जान-पहचान है।
वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वाराणसी से लोकसभा चुनाव लड़ने की घोषणा हुई थी, तब रामनाथ कोविंद भाजपा के प्रदेश महामंत्री थे। कानपुर देहात निवासी कोविंद के लिए पूर्वांचल की पृष्ठभूमि जानी-पहचानी है।
लिहाजा, मोदी के चुनाव संचालन की कमान उन्हें सौंपी गई। चुनाव प्रभारी के तौर पर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के घर-घर गए। वाराणसी संसदीय क्षेत्र की पांचों विधानसभाओं में चुनाव की ऐसी रणनीति तैयार की, जो इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गई।
उन्हें करीब से जानने वाले कार्यकर्ता कहते हैं कि बातचीत या चुनावी तैयारियों के लिए दिशा-निर्देश देने के दौरान उन्होंने कभी यह अहसास नहीं होने दिया कि वह आम कार्यकर्ता से कहीं अलग हैं। चुनाव प्रचार के दौरान ही एक बार चंदौली के चकिया गए तो वहां कार्यकर्ताओं के साथ पत्तल पर खाना खाया और मड़ई में सोए।
अभी छह महीने पहले क्षेत्रीय अध्यक्ष लक्ष्मण आचार्य की बेटी की शादी में भी वह बनारस आए थे। आचार्य कहते हैं कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति का काशी के प्रति अटूट लगाव है। अनंत चतुर्दशी यानी 14 सितंबर से रामनगर की रामलीला शुरू होगी। उम्मीद है कि नवनिर्वाचित राष्ट्रपति यहां जरूर आएंगे।