{"_id":"69a016247b78e6001209a29d","slug":"rangbhari-ekadashi-2026-holi-will-be-played-with-flowers-not-abir-gulal-on-shivaarchanam-stage-in-varanasi-2026-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rangbhari Ekadashi: शिवार्चनम मंच पर अबीर-गुलाल नहीं, फूलों से खेली जाएगी होली; मंदिर न्यास ने दिए ये निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rangbhari Ekadashi: शिवार्चनम मंच पर अबीर-गुलाल नहीं, फूलों से खेली जाएगी होली; मंदिर न्यास ने दिए ये निर्देश
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: प्रगति चंद
Updated Thu, 26 Feb 2026 03:15 PM IST
विज्ञापन
सार
Varanasi News: रंगभरी एकादशी पर शिवार्चनम मंच पर अबीर-गुलाल नहीं, फूलों से होली खेली जाएगी। इसे लेकर श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
रंगभरी एकादशी 2026
- फोटो : amar ujala
विज्ञापन
विस्तार
रंगभरी एकादशी की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से बुधवार को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। लोकाचार और सांस्कृतिक शास्त्रीय परंपरा के अनुसार, यह चल प्रतिमा गर्भगृह में विराजमान होगी, जहां सप्तऋषि आरती और अन्य अनुष्ठान विधिपूर्वक संपन्न किए जाएंगे।
Trending Videos
न्यास ने कहा कि इस साल एक विशेष बदलाव किया गया है। शिवार्चनम मंच पर आयोजित कार्यक्रमों के दौरान श्रद्धालु अबीर-गुलाल से नहीं खेलेंगे, बल्कि वहां फूलों की होली की व्यवस्था की गई है। मंदिर न्यास ने बताया कि मंदिर प्रांगण के भीतर काशीवासियों को अपने महादेव की चल प्रतिमा के साथ अबीर, गुलाल और रंगों की होली खेलने के लिए आमंत्रित किया गया है। वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, बाबा की प्रतिमा बाहर से लाई जाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
चूंकि यह क्षेत्र संकरी गलियों वाला है, इसलिए पुलिस और पूर्व महंत परिवार की बैठक के बाद यह निर्णय लिया गया है कि प्रतिमा के साथ आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 64 तक ही सीमित रहे, ताकि अनावश्यक भीड़ न बढ़े और सुव्यवस्था बनी रहे। सभी से अनुरोध किया गया है कि वे शालीन वेशभूषा में उपस्थित हों और रात 10 बजे तक चलने वाले सांस्कृतिक आयोजन में शामिल हों। कार्यक्रम का समापन ब्रज के रसिकों की मंडली द्वारा प्रस्तुत फूलों की होली से होगा।
