आरटीई: जिस गांव या मोहल्ले का बच्चा, वहीं के स्कूल में होगा प्रवेश; दाखिले की प्रक्रिया में हुए दो बड़े बदलाव
Varanasi News: शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत दाखिले की प्रक्रिया में कुछ बदलाव किए गए हैं। ऐसे में अब जिस गांव या मोहल्ले में बच्चे का घर होगा, उसी क्षेत्र में स्थित विद्यालय में उसे प्रवेश मिलेगा।
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शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को मिलने वाले मुफ्त दाखिले की प्रक्रिया में इस बार दो बड़े बदलाव किए गए हैं। इस सत्र से आरटीई के तहत प्रवेश के लिए पूर्व में लागू एक किलोमीटर की परिधि में विद्यालय चयन की व्यवस्था समाप्त कर दी गई है। अब जिस गांव या मोहल्ले में बच्चे का घर होगा, उसी क्षेत्र में स्थित विद्यालय में उसे प्रवेश मिलेगा।
इसके अलावा, बच्चों के आधार कार्ड की अनिवार्यता भी खत्म कर दी गई है। अब प्रवेश के लिए सिर्फ अभिभावकों का आधार कार्ड ही मान्य होगा। योजना का लाभ लेने के लिए पोर्टल जनवरी के अंतिम सप्ताह से खुलने की संभावना है।
वाराणसी में 1582 निजी स्कूल हैं। वाराणसी में 50 से अधिक निजी विद्यालय बेसिक शिक्षा परिषद के पोर्टल पर पंजीकृत हैं। कक्षा एक में 25 प्रतिशत सीटों पर आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश दिया जाता है।
विद्यालयों में सीमित होगी आवेदन की संख्या
आरटीई के पुराने नियम में एक किलोमीटर की परिधि में विद्यालय चयन की व्यवस्था में प्रतिष्ठित विद्यालयों में प्रवेश की होड़ रहती थी। इसके कारण कुछ विद्यालयों में अधिक और कुछ में बहुत कम आवेदन आते थे। अब क्षेत्रवार आवेदन से विद्यालयों में प्रवेश आसानी से मिल सकेगा और किसी एक विद्यालय में आवेदन की अधिकता नहीं होगी। वाराणसी में 10,186 सीटों पर इस सत्र में प्रवेश होगा।
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क्या बोले अधिकारी
आरटीई के तहत इस सत्र में प्रवेश के लिए पोर्टल जनवरी के अंत तक खुलने की उम्मीद है। पोर्टल अपडेट के कारण विलंब हो रहा है। इस बार किए गए दो बदलाव छात्रों के प्रवेश में सुविधा बढ़ाएंगे। -अनुराग श्रीवास्तव, बीएसए, वाराणसी