काशी विश्वनाथ मंदिर: 20 हजार फूलों से सजा धाम, बाबा ने शंकर स्वरूप में दिए झांकी दर्शन; सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Sawan Somwar 2026 in Varanasi: काशी में सावन के पहले सोमवार पर शिव भक्तों का रेला उमड़ पड़ा। काशी विश्वनाथ मंदिर में मंगला आरती के साथ ही जलाभिषेक का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान बाबा ने शंकर स्वरूप में झांकी दर्शन दिए।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सावन के पहले सोमवार पर बाबा विश्वनाथ ने शंकर स्वरूप में झांकी दर्शन दिए। पुजारियों ने विधि-विधान से बाबा का शृंगार किया। वहीं रात में चल प्रतिमा को गर्भगृह में स्थापित कर शयन आरती की जाएगी। 15 मालियों और कारीगरों ने गेंदा के 3,000, रजनीगंधा और जरबेरा के 10,000, बेला के 1,000 तथा गुलाब के 2,000 फूलों के अलावा 4000 अन्य फूलों से बाबा के धाम को सजाया है। कुल 20 हजार से अधिक फूलों की सुगंध से पूरा धाम महक उठा है।
रविवार रात से ही श्रद्धालुओं की कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। सोमवार को मंगला आरती से लेकर शयन आरती तक करीब चार लाख श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन का अनुमान है। पिछले वर्ष सावन के पहले सोमवार को 3.41 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए थे। पूरे सावन में 80 लाख श्रद्धालुओं के आने की तैयारी की गई है।
सात कतारें और सात द्वार
दर्शन के लिए कुल सात कतारें और सात द्वार हैं। मैदागिन, दशाश्वमेध घाट, गोदौलिया, जंगमबाड़ी, विश्वनाथ गली, बांसफाटक आदि जगहों से भक्तों की कतारें शुरू हुईं। सभी भक्त बैरिकेडिंग में दर्शन-पूजन कर रहे हैं। गंगा घाटों पर स्नान कर भक्त सीधे बाबा विश्वनाथ के धाम में गंगा द्वार से प्रवेश किए। गेट नंबर 4, काशी द्वार 4बी, नंदुफेरिया, सिल्को गली, सरस्वती फाटक और भैरव प्रवेश द्वार से भक्तों को प्रवेश मिल रहा है। पुलिस, सीआरपीएफ, एनडीआरएफ सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात की गई है।
गोदौलिया से मैदागिन तक पूरे मार्ग में पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किया गया है। इससे मंदिर के अंदर से लेकर बाहर तक एक साथ अनाउंस किया जा रहा है। इसी मार्ग पर नि:शुल्क गोल्फ कार्ट चलाया जा रहा है। दिव्यांगों, बूढ़ों, विशिष्ट और अति विशिष्ट भक्तों को मंदिर तक पहुंचाया जा रहा है। मंदिर परिसर, शंकराचार्य चौक और मल्टी परपज हॉल के बाहर मेडिकल सहायता केंद्र भी है।
भक्तों को गेट नंबर 4 पर नंदुफेरिया गली के पास, शंकराचार्य चौक, ज्ञानवापी कूप, यात्री सुविधा केंद्र 1 और 2, गंगा निकास द्वार के पास गीता प्रेस बुक स्टोर के अगल में और भैरव द्वार के पास।