Varanasi News: 19 मार्च से ललिता घाट पर रोज सात अर्चक करेंगे गंगा आरती, तैयारी शुरू; जानें इसकी खासियत
Ganga Aarti Varanasi: वाराणसी में होने वाली गंगा आरती काे देखने के लिए विश्वभर से लोग आते हैं। सुबह-शाम होने वाले इस धार्मिक आयोजन में भक्त आस्था के साथ जुटते हैं। अब गंगा किनारे ललिता घाट पर भी प्रतिदिन गंगा आरती की जाएगी।
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Varanasi News: विश्वनाथ मंदिर में आने वाले भक्त अब गंगा द्वार पर भी गंगा आरती देख सकेंगे। हिंदू नव वर्ष के पहले दिन 19 मार्च से बाबा विश्वनाथ मंदिर न्यास ललिता घाट पर सात अर्चकों से गंगा आरती कराएगा। शाम 6:45 बजे से गंगा आरती शुरू होगी। 45 मिनट की इस गंगा आरती में नमो घाट के ही तर्ज पर विधि होगी। इसमें सात अर्चक होंगे।
शनिवार को श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर ट्रस्ट की ओर से अपने आधिकारिक एक्स और इंस्टाग्राम हैंडल पर नमो घाट की गंगा आरती का एक वीडियो भी साझा किया गया।
मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि मंदिर के गंगा द्वार की सीढ़ियों पर बैठकर ही भक्त गंगा आरती के साक्षी बनेंगे।
बनारस में गंगा किनारे होने वाली आरतियों की तरह इसमें भी भव्यता होगी। एसडीएम शंभू शरण ने कहा कि बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने आने वाले भक्तों को गंगा द्वार से आरती देखने में काफी सहूलियत होगी। इससे दशाश्वमेध घाट पर श्रद्धालुओं का दबाव भी कम होगा।
पिछले साल अक्तूबर में नमो घाट पर शुरू कराई गई गंगा आरती : इससे पहले पिछले साल आठ अक्तूबर को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की ओर से नमो घाट पर मां गंगा की दैनिक आरती शुरू कराई गई थी। यहां रोज शाम 6:45 बजे आरती होती है और बड़ी संख्या में भक्त इसे देखते हैं।
बनारस में गंगा किनारे अभी तक कुल चार प्रमुख गंगा आरती होती हैं। इसमें दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट और अस्सी घाट पर दो जगह गंगा आरती होती है। सबसे बड़ी गंगा आरती दशाश्वमेध घाट पर गंगा सेवा निधि की ओर से कराई जाती है, जिसमें देश और दुनिया के बड़े राष्ट्राध्यक्ष और नामचीन हस्तियों ने गंगा आरती की है।
