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Varanasi: 260 दिन में एसीपी समेत आठ हटे, चार थानेदार 45 दिन भी नहीं संभाल सके थाना; ये हुई कार्रवाई और तबादला

अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Pragati Chand Updated Mon, 09 Mar 2026 12:32 PM IST
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सार

Varanasi News: वाराणसी जिले में 260 दिन में एसीपी समेत आठ हटे और चार थानेदार 45 दिन भी थाना नहीं संभाल सके। सबसे खराब ट्रैक रिकॉर्ड चौबेपुर थाने का रहा। 

eight Police including ACP removed in 260 days four officers not manage station for even 45 days in Varanasi
UP police - फोटो : एआई
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विस्तार

महिला अपराध के प्रति पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के बावजूद महिला अपराध, दुर्व्यवहार व गोतस्करी जैसे मामलों को रोकने में पुलिसकर्मियों ने लापरवाही बरती। 260 दिनों के अंदर आठ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हुई, जिसमें एसीपी से लेकर थाना प्रभारी और कांस्टेबल शामिल रहे। सबसे खराब ट्रैक रिकॉर्ड चौबेपुर थाने का रहा। सात महीने के अंदर चार थाना प्रभारी समेत पांच लोगों के खिलाफ पुलिस आयुक्त ने कार्रवाई की और उन्हें थाने से हटा दिया।

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चौबेपुर थाने में हाल ही में दुष्कर्म के मामले में पुलिस अधिकारियों ने सही जानकारी नहीं उपलब्ध कराई और मामले को गुमराह करने की शिकायत पर चौकी प्रभारी अनिल कुमार को निलंबित कर दिया गया। साथ ही थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया। चौबेपुर में देखा जाए तो 210 दिनों के अंदर चार थाना प्रभारी केवल 45 दिनों तक ही थाने पर टिक पाए।वहीं, रंगभरी एकादशी पर काशी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर गेट नंबर चार के पास महिला पत्रकार से दुर्व्यवहार हुआ। 
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इस मामले में एसीपी सुरक्षा अंजनी कुमार राय को हटा दिया गया। साथ ही बटुक के साथ मारपीट के आरोप में गाजीपुर से ड्यूटी पर आए कांस्टेबल संजय यादव को सुरक्षा पॉइंट से हटाकर विभागीय कार्रवाई के लिए गाजीपुर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया। महिला उत्पीड़न, छेड़खानी, दुष्कर्म और दुर्व्यवहार जैसे मामलों में समय पर कार्रवाई न करने या पीड़ितों की शिकायतों को नजरअंदाज करने पर पुलिस आयुक्त ने गंभीरता से कार्रवाई की। 

महिला अपराध और पशु तस्करी जैसे मामलों में पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति है। पुलिस आयुक्त ने पिछले 12 महीनों में छह बार बैठक कर थानों को स्पष्ट निर्देश दिए, लेकिन कुछ थानों ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया और लगातार लापरवाही बरती। प्रकरण सामने आने के बाद दोषी पाए गए पुलिसकर्मियों को हटाया या निलंबित किया गया।

260 दिनों के अंदर हुई कार्रवाई और तबादला

  • रंगभरी एकादशी पर महिला पत्रकार से हुए दुर्व्यवहार पर एसीपी और बटुक से मारपीट के आरोप में कांस्टेबल हटे।
  • चौबेपुर में महिला से दुष्कर्म के मामले में लापरवाही बरतने पर चौकी इंचार्ज अनिल कुमार निलंबित हुए, थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार लाइन हाजिर हुए।
  • फायरिंग के मामले में जांच में लापरवाही बरतने पर चांदपुर चौकी प्रभारी अंकुर कुशवाहा को निलंबित किया गया।
  • बीते साल 21 जून को अपराध रोकने में विफल रहे थाना प्रभारी जगदीश कुशवाहा को लाइन हाजिर किया गया।
  • 11 जुलाई को छितौना कांड को लेकर चौबेपुर थाना प्रभारी रविकांत मलिक को लाइन हाजिर किया गया।
  • पशु तस्करी जैसे मामले को रोकने में विफल रहे अजीत कुमार वर्मा को लाइन हाजिर किया गया, हालांकि वर्तमान में शिवपुर थाने का प्रभार उनके पास है।
  • युवती से दुष्कर्म के प्रकरण में अधिकारियों को सही फीडबैक नहीं देने के मामले में चौबेपुर थाना प्रभारी इंद्रेश कुमार को लाइन हाजिर किया गया, साथ ही चौकी प्रभारी अनिल कुमार को निलंबित किया गया।

 

क्या बोले अधिकारी
महिला अपराध के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी थानों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। किसी भी स्तर पर महिला अपराध से जुड़े मामलों में ढिलाई पाए जाने पर संबंधित अधिकारी और कर्मचारी के खिलाफ तत्काल विभागीय कार्रवाई की जाएगी। -मोहित अग्रवाल, पुलिस आयुक्त

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