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UP News: शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद बोले- जो देश को बांटने का प्रयास कर रहे, वे खुद विभाजित हो जाएंगे
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Mon, 20 Apr 2026 04:45 PM IST
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सार
स्वामी निश्चलानंद ने कहा हर व्यक्ति अपने घर से एक ईंट और एक रुपया निकालकर निकट के मंदिर या मठ को दे। यही सच्ची राष्ट्र सेवा है।
शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पूर्वाम्नाय गोवर्धन पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती ने कहा कि भारत को विभाजित करने का कोई भी कुत्सित प्रयास कभी सफल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि भारत मूल रूप से हिंदू राष्ट्र है और एक दिन इसे हिंदू राष्ट्र घोषित किया जाएगा। जो लोग देश को बांटने का प्रयास कर रहे हैं, वे स्वयं ही विभाजित हो जाएंगे।
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अस्सी स्थित दक्षिणामूर्ति मठ में काशी प्रवास के दौरान आयोजित गोष्ठी में भक्तों के प्रश्नों का उत्तर देते हुए शंकराचार्य ने कहा कि समाज में वंचित और अनूसूचित जाति वर्ग को बिना समझे विरोधी मान लिया गया है, जबकि शास्त्रों और ग्रंथों में इन शब्दों का उल्लेख नहीं है। उन्होंने कहा कि शास्त्रों में अंत्यज शब्द आता है, जिसे समाज का सबसे छोटा अंग माना गया है, लेकिन यह भेदभाव नहीं, बल्कि स्नेह का प्रतीक है।
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उन्होंने कहा कि समाज की व्यवस्था का मूल उद्देश्य प्रत्येक व्यक्ति को उसकी आवश्यकता के अनुसार साधन उपलब्ध कराना है। आज सभी लोग रामराज्य की प्रशंसा करते हैं, लेकिन जिस व्यवस्था से रामराज्य चलता है, उसे स्वीकार करने को तैयार नहीं हैं।
देश और धर्म की सेवा पर शंकराचार्य ने कहा कि हर व्यक्ति अपने घर से एक ईंट और एक रुपया निकालकर निकट के मंदिर या मठ को दे। यही सच्ची राष्ट्र सेवा है। इससे पहले अस्सी घाट से दक्षिणामूर्ति मठ तक भगवान दक्षिणामूर्ति की 101 कलश यात्रा निकाली गई। 23 अप्रैल को नए मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
