IIT BHU: आईआईटी बीएचयू में छात्रों ने बनाया चिप, चिकित्सा जांच में होगी मदद; पांच महीने में तैयार
Varanasi News: आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स अभियांत्रिकी विभाग के छात्रों ने पांच महीने में पहली चिप विकसित की है। स्नातक स्तर के अनुसंधान और सेमी कंडक्टर नवाचार के क्षेत्र में यह बड़ी उपलब्धि है।
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आईआईटी बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्रों ने पांच महीनों में 64-पॉइंट फास्ट फूरियर ट्रांसफॉर्म (एफएफएटी) हार्डवेयर एक्सेलरेटर चिप को 130-नैनोमीटर एसकेवाई 130 प्रोसेस डिजाइन किट के माध्यम से विकसित किया है। इसकी विशेषता यह है कि यह मोबाइल संचार, ऑनलाइन वीडियो स्ट्रीमिंग, जीपीएस नेविगेशन, एमआरआई इमेजिंग, रडार प्रणाली और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित अनुप्रयोगों सहित कई तकनीकें तेज और कुशल सिग्नल प्रोसेसिंग पर निर्भर करती हैं।
फ्रंट-एंड डिजाइन टीम में अर्का कर, मिथिल दमाणिया, नीरज हरियानी और कनागिरी श्रीथन शामिल रहे। इसके अलावा बैक-एंड कार्यान्वयन में आदित्य मेहरा, अनुज पांडेय, मौलिक बोस और सेतुरत्नम केएस द्वारा किया गया। परियोजना को वरिष्ठ छात्रों में पुनीत मकवाना (तृतीय वर्ष),चैतन्य गंबाली (चतुर्थ वर्ष) ने भी सहयोग किया है। आईआईटी बीएचयू के निदेशक प्रो. अमित पात्रा ने टीम के सदस्यों को बधाई देते हुए कहा कि आम तौर पर चिप डिजाइन से जुड़ी परियोजना स्नातकोत्तर या शोध स्तर पर संचालित होती हैं।
संस्थान के पूर्व छात्रों का मिला सहयोग
निदेशक ने बताया कि यह उपलब्धि विभाग के पूर्व छात्रों के व्यापक सहयोग से संभव हो सकी। वर्ष 1975 से 2025 तक के विभिन्न बैचों के पूर्व छात्रों ने लैब की स्थापना एवं सुदृढ़ीकरण में योगदान दिया। साथ ही चिप विकसित करने वाले छात्रों का तकनीकी मार्गदर्शन भी किया। संस्थान ने टेप-आउट और फैब्रिकेशन गतिविधियों हेतु वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराया। शोध परियोजना के संकाय मार्गदर्शक डॉ. अंकित अरोड़ा और डॉ. मुरलीकृष्णन श्रीनिवासन ने बताया कि विभाग की लैब के माध्यम से भविष्य में और अधिक सिग्नल प्रोसेसिंग एवं कंप्यूटेशनल हार्डवेयर मॉड्यूल विकसित किए जाएंगे। विभागाध्यक्ष प्रो. अमृतांशु पांडेय ने इसको बड़ी उपलब्धि बताते हुए छात्रों को बधाई दी।