फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Students medical college outraged rules protest outside academic block express frustration non-functioning

यूपी: मेडिकल कॉलेज में नए नियमों से भड़के छात्र, एकेडमिक ब्लॉक के बाहर धरना; फैकल्टी न चलने पर भी नाराज

Fri, 23 Oct 2026 08:55 PM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।
अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 23 Oct 2026 08:55 PM IST
सार

मेडिकल कॉलेज में नए नियमों के विरोध में छात्र-छात्राएं एकेडमिक ब्लॉक के बाहर धरने पर बैठ गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि मेस का उपयोग नहीं करने पर भी शुल्क मांगा जा रहा है। पहले अनुमति देने के बाद अब परिसर से वाहन हटाने को कहा जा रहा है। कई फैकल्टी में लैब की उचित व्यवस्था नहीं होने और फॉरेंसिक मेडिसिन की पढ़ाई प्रभावित होने पर भी नाराजगी जताई।

विज्ञापन
Students medical college outraged rules protest outside academic block express frustration non-functioning
एकेडमिक ब्लॉक के बाहर धरने पर बैठे छात्र। - फोटो : संवाद

विस्तार

मेडिकल कॉलेज के एकेडमिक ब्लॉक में नए प्रधानाचार्य की तैनाती के साथ लागू हुए नए नियम और उसके पालन के लिए बनाए गए दबाव से शुक्रवार की शाम छात्र-छात्रा भड़क उठे। प्रतिबंध हटाने, पूर्व की स्थिति बहाल करो, मांगे पूरी करो के नारे लगाते हुए मेडिकल छात्र-छात्राओं का समूह फैकल्टी गेट के बाहर आकर धरने पर बैठ गया। ढाई घंटे बाद पहुंचे प्रधानाचार्य डॉ. आईजेन भट्टाचार्य ने छात्र-छात्राओं से मांगपत्र सौंपने और उस पर कॉलेज की समिति में चर्चा की बात कही, लेकिन वह लागू किए गए नए नियम को वापस लेने की मांग पर अड़े रहे। 

विज्ञापन


बताते हैं कि पहले मेस में खाने का पैसा उन्हीं छात्र-छात्राओं को देना पड़ता था, जो उसका उपयोग करते थे। बाहर खाना खाने या छुट्टी के समय का पैसा उन्हें नहीं देना पड़ता था। छात्रों का आरोप था कि अब मेस का उपयोग करें या न करें, सभी छात्र-छात्राओं के लिए उसका भुगतान अनिवार्य बना दिया गया है। 

विज्ञापन
Trending Videos

इसी तरह गाड़ियों को परिसर से हटाने के कथित फरमान के खिलाफ भी छात्रों ने तीखा आक्रोश जताया। कहा कि पहले शपथ पत्र लेकर वाहन रखने की अनुमति दी गई थी। इसके बाद ही वाहन खरीदकर परिसर में लाए गए थे। अब कहा जा रहा है कि वाहन को परिसर से बाहर ले जाएं। 

फॉरेंसिक साइंस सहित अन्य फैकल्टी खाली रहने, सभी फैकल्टी में लैब की सुविधा न होने, कई फैकल्टी में एक-एक प्रोफेसर से ही शिक्षण कार्य कराए जाने पर भी नाराजगी जताई। छात्र-छात्राओं का कहना था कि कॉलेज के तीसरे बैच (थर्ड इयर) की पढ़ाई पूरी होने के करीब है। बावजूद व्यवस्था में सुधार की बजाय नए नियम लागू किए जा रहे हैँ।  

विज्ञापन

हॉस्टल में रहना है तो नियमों का पालन करना होगा : प्रधानाचार्य
प्रधानाचार्य डॉ. आईजेन भट्टाचार्य ने कहा कि अनुशासन बनाए रखने के लिए हॉस्टल के कुछ नए नियम बनाए गए हैं। छात्र-छात्राओं से कहा गया है कि सुबह नौ से पांच बजे तक क्लास का समय है। इस अवधि में बाहर जाने की इजाजत नहीं दी जा सकी। जिन्हें शाॅपिंग या कोई खरीदारी करनी है, वह पांच बजे के बाद समूह में बस से बाहर जाएं। 

अंधेरे की स्थिति को देखते हुए सात बजे तक उन्हें लौट आना होगा। शनिवार और रविवार को तीन से चार घंटे (दोपहर तीन से शाम सात बजे या शाम चार से सात बजे) सिटी में जाने की अनुमति रहेगी। इस बात को भी स्पष्ट किया गया है कि परिसर में निजी वाहन की अनुमति नहीं है। 

विज्ञापन

कॉलेज के एक कर्मी की कुछ माह पूर्व सड़क हादसे में मृत्यु हो गई थी। किसी छात्र-छात्रा के साथ ऐसी स्थिति न बने इसलिए हॉस्टल में रह रहे छात्र-छात्राओं के लिए निजी वाहन रखना प्रतिबंधित कर दिया गया है। कैंटीन में तीन-चार दिन नहीं खाने, बाद में उसका पैसा काट लिए जाने से मेस संचालक को अपने कर्मियों को मानदेय भुगतान में दिक्कत आ रही थी। इसलिए उनसे कहा गया है कि या तो वह बाहर ही खाएं और बाहर ही रहें। 

हॉस्टल में रहेंगे तो बनाए गए रूल-रेगुलेशन का पालन करना होगा। धरने के तरीके पर सवाल उठाते हुए कहा कि कोई भी छात्र-छात्रा उनके पास नहीं आया न ही कोई मांगपत्र सौंपा। जैसे ही उन्हें नए नियमों की जानकारी दी गई कि वह गेट के बाहर बैठकर शोर मचाने लगे। ऐसे मामलों के लिए कमेटी बनी हुई है। वह मांगपत्र दें। कमेटी उस पर चर्चा करेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed