सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Swami Prasad commented on theft of offerings at Ram Mandir in Ghazipur

UP Politics: राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर स्वामी प्रसाद ने कसा तंज, धार्मिक आस्था और दावे पर उठाया सवाल

अमर उजाला नेटवर्क, गाजीपुर। Published by: Pragati Chand Updated Thu, 25 Jun 2026 04:04 PM IST
सार

Ghazipur News: कासिमाबाद में मेधावी सम्मान समारोह में पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने धार्मिक मान्यताओं को तर्क और विज्ञान की कसौटी पर परखने की नसीहत दी।

विज्ञापन
Swami Prasad commented on theft of offerings at Ram Mandir in Ghazipur
पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अपने बयानों को लेकर अक्सर चर्चा में रहने वाले पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्या ने एक बार फिर धार्मिक मुद्दों पर टिप्पणी कर राजनीतिक और सामाजिक बहस को हवा दे दी है। कासिमाबाद तहसील क्षेत्र के कुत्तुपुर गांव में बुधवार को आयोजित कुशवाहा समाज के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह में उन्होंने भगवान राम और हनुमान से जुड़े प्रसंगों पर सवाल उठाते हुए तर्क और विज्ञान आधारित सोच अपनाने की अपील की।

विज्ञापन


बुधवार को आयोजित समारोह में स्वामी प्रसाद मौर्य ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में हुई चंदा चोरी की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि यदि भगवान में अलौकिक शक्ति होती तो चोरी करने वालों को तत्काल दंड मिल जाता। उन्होंने कहा कि मंदिर से करोड़ों रुपये मूल्य के सोना-चांदी की चोरी हुई, लेकिन आरोपियों का कुछ नहीं बिगड़ा। इसी आधार पर उन्होंने धार्मिक आस्थाओं और दावों पर सवाल खड़े किए। 
विज्ञापन


पूर्व मंत्री ने अपने संबोधन में हनुमान जी द्वारा सूर्य को निगलने की पौराणिक कथा का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सूर्य जैसे विशाल पिंड को एक छोटे बंदर द्वारा निगल लिए जाने की बात वैज्ञानिक दृष्टि से संभव नहीं है। उन्होंने लोगों से धार्मिक कथाओं और परंपराओं को आंख मूंदकर स्वीकार करने के बजाय तर्क और विज्ञान की कसौटी पर परखने का आग्रह किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें; Sonbhadra News: आंगन में सोते समय पिता-पुत्र को सांप ने डसा, झाड़-फूंक के चक्कर में बेटे की मौत

स्वामी प्रसाद मौर्य ने गौतम बुद्ध के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि किसी भी ग्रंथ में लिखी बात को केवल इसलिए सत्य नहीं मान लेना चाहिए कि वह उसमें दर्ज है। हर विचार और मान्यता का मूल्यांकन विवेक, बुद्धि और तार्किक चिंतन के आधार पर किया जाना चाहिए। बता दें कि स्वामी प्रसाद मौर्य इससे पहले भी धार्मिक और सामाजिक विषयों पर अपने बयानों को लेकर विवादों में रहे हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Install AU App

Followed