UP: 24 साल पुराने धनंजय सिंह पर जानलेवा हमले के केस में दो गवाहों से फिर जिरह, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पूछताछ
Varanasi Crime: वाराणसी के नदेसर में चार अक्तूबर 2002 को हुए इस मामले के बाद विधायक अभय सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप था कि उन्होंने धनंजय सिंह के काफिले पर फायरिंग की थी।
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Varanasi News: विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए कोर्ट) यजुवेंद्र विक्रम सिंह की अदालत ने 24 साल पुराने चर्चित जानलेवा हमले के मामले में बचाव पक्ष के दो गवाहों से पुनः जिरह करने की अनुमति दे दी है। यह मामला पूर्व सांसद और तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह से जुड़ा है।
अदालत ने तत्कालीन फैजाबाद के सरकारी डॉक्टर अरविंद कुमार सिंह और फार्मासिस्ट सुभाकर यादव को 12 फरवरी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेश होकर जिरह में शामिल होने का आदेश दिया है।
पूर्व सांसद धनंजय सिंह की ओर से दिए गए प्रार्थना-पत्र पर सुनवाई करते हुए अदालत ने यह आदेश पारित किया। अभियोजन पक्ष का कहना था कि घटना के समय अभियुक्त अभय सिंह लखनऊ में एक सरकारी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। उसी इलाज से जुड़े डॉक्टर और फार्मासिस्ट को बचाव पक्ष ने गवाह के रूप में पेश किया था। हालांकि, उनसे कुछ महत्वपूर्ण तथ्यों पर जिरह नहीं हो सकी थी, जिसे लेकर पुनः जिरह की मांग की गई थी।
चार अक्तूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद व उस समय के विधायक धनंजय सिंह अपने कुछ साथियों के साथ सफारी से मरीज को देखकर लौट रहे थे। जैसे ही वह कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर टकसाल सिनेमा हॉल के पास पहुंचे, तभी बोलेरो सवार अभय सिंह अपने 4-5 साथियों के साथ वहां उतरे और ललकारते हुए अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। हमले में धनंजय सिंह, उनका गनर, चालक और अन्य लोग घायल हो गए।
गोलियों की आवाज से इलाके में अफरातफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को मलदहिया के सिंह मेडिकल में भर्ती कराया। सभी हमलावर मौके से फरार हो गए थे। धनंजय सिंह की तहरीर पर गोसाईगंज के तत्कालीन बाहुबली विधायक अभय सिंह के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने विनीत सिंह, संदीप सिंह, संजय सिंह रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेंद्र सिंह बबलू समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ भी आरोपपत्र दाखिल किया था।